सीजी भास्कर, 14 अप्रैल । गरियाबंद वनमंडल के देवभोग क्षेत्र में (Illegal Teak Wood Storage) वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संग्रहित सागौन लकड़ी जब्त की है। दो अलग-अलग मामलों में सर्च अभियान चलाकर लाखों रुपये की वनोपज बरामद की गई है, जिससे अवैध कटाई और भंडारण पर सख्ती के संकेत मिले हैं।
जिले के वनमंडल क्षेत्र में अवैध वनोपज के खिलाफ वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में सागौन लकड़ी जब्त की है। यह पूरी कार्रवाई अवैध सागौन संग्रहण (Illegal Teak Wood Storage) के मामले में की गई, जिसमें दो अलग-अलग आरोपियों के घर और बाड़ी से लकड़ी बरामद हुई है।
मुख्य वनसंरक्षक रायपुर वृत्त के निर्देश और वनमंडलाधिकारी गरियाबंद के मार्गदर्शन में उप वनमंडलाधिकारी देवभोग द्वारा जारी सर्च वारंट के तहत वन परिक्षेत्र इंदागांव के ग्राम सरगीगुड़ा में यह कार्रवाई की गई। पहले मामले में रक्षांत वल्द जहाज सिंह ठाकुर के घर और बाड़ी में तलाशी ली गई। इस दौरान उनके घर से 60 नग सागौन चिरान और बाड़ी से 17 नग सागौन लट्ठा बरामद किया गया। यह पूरा मामला अवैध सागौन संग्रहण (Illegal Teak Wood Storage) से जुड़ा पाया गया, जिसे मौके पर ही जब्त कर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया।
दूसरे मामले में इसी गांव के जयंत जहाज सिंह ठाकुर के घर और बाड़ी में सर्च अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान 20 नग सागौन चिरान और 13 नग सागौन लट्ठा अवैध रूप से संग्रहित पाए गए। इस कार्रवाई को भी अवैध सागौन संग्रहण (Illegal Teak Wood Storage) के तहत दर्ज करते हुए वन विभाग ने काष्ठ को जब्त कर लिया और संबंधित प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
73 नग सागौन चिरान व 30 लट्ठा जब्त
वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में कुल 73 नग सागौन चिरान और 30 नग सागौन लट्ठा जब्त किए गए हैं। जब्त लकड़ी की कुल मात्रा 1.593 घनमीटर आंकी गई है, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य 1,54,994 रुपये बताया गया है। इस तरह की कार्रवाई अवैध सागौन संग्रहण (Illegal Teak Wood Storage) पर अंकुश लगाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वन अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से लकड़ी का संग्रहण और व्यापार वन अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है और इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस पूरे प्रकरण को अवैध सागौन संग्रहण (Illegal Teak Wood Storage) की श्रेणी में रखते हुए दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस सर्च ऑपरेशन में वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव अश्वनी दास मुर्चुलिया के नेतृत्व में वन विभाग की टीम, स्टाफ और सुरक्षा श्रमिक मौजूद रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे ताकि वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


