सीजी भास्कर, 14 अप्रैल । छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र अब पारंपरिक ढर्रे से निकलकर हाईटेक (Digital Crop Survey Chhattisgarh) होने की राह पर है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टेक परियोजना के तहत राज्य में डिजिटल फसल सर्वेक्षण योजना एक नई क्रांति लेकर आई है। इस परियोजना ने न केवल खेती-किसानी को पारदर्शी बनाया है, बल्कि प्रदेश के हजारों शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोल दिए हैं। राज्य सरकार के इस मॉडल की सफलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 104 करोड़ रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की है।
85 प्रतिशत खसरों का हुआ डिजिटल पोस्टमार्टम
परियोजना की सफलता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खरीफ वर्ष 2025 के दौरान राज्य के 33 जिलों के 18,008 गांवों में व्यापक स्तर पर डिजिटल फसल सर्वेक्षण (Digital Crop Survey Chhattisgarh) किया गया। कुल 1 करोड़ 19 लाख से अधिक खसरों का सर्वेक्षण किया गया, जिनमें से 85 प्रतिशत खसरों का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। वर्तमान में रबी फसल वर्ष 2026 का सर्वे कार्य भी 1 जनवरी से युद्धस्तर पर जारी है, जिसे मोबाइल ऐप के जरिए सटीक रूप से दर्ज किया जा रहा है।
79% किसानों की यूनिक फार्मर आईडी तैयार
एग्रीस्टेक परियोजना के तहत राज्य के करीब 40 लाख किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का लक्ष्य है। अब तक 31 लाख 68 हजार से अधिक किसानों का सत्यापन कर उनकी यूनिक फार्मर आईडी (Farmer ID – Digital Crop Survey Chhattisgarh) बनाई जा चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर खेती को सक्षम और पारदर्शी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस आईडी से किसानों को भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
58 हजार युवाओं के हाथ में आया काम
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि यह योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति दी है। खरीफ सीजन के दौरान सर्वेक्षण कार्य में प्रदेश के 58 हजार 335 ग्रामीण युवाओं को सर्वेयर के रूप में सीधा रोजगार (Employment through Digital Crop Survey Chhattisgarh) मिला है।
इन युवाओं को उनके कार्य के बदले लगभग 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। सबसे अच्छी बात यह है कि अब साल में दो बार (खरीफ और रबी) सर्वे होने से इन युवाओं को नियमित रोजगार के अवसर मिलते रहेंगे। तकनीक और कृषि का यह संगम छत्तीसगढ़ को देश के कृषि मानचित्र पर एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित कर रहा है।


