सीजी भास्कर, 16 अप्रैल : गरियाबंद जिले के सिटी कोतवाली में पदस्थ उप निरीक्षक पर रिश्वत लेकर केस दबाने का गंभीर आरोप (Gariaband Police Bribe Case) सामने आया है। मामला उजागर होते ही पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी SI को निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
20 हजार की रिश्वत का आरोप
प्रार्थी ने आरोप लगाया कि केस दबाने के लिए SI ने 10 हजार रुपये की मांग (Gariaband Police Bribe Case) की थी, जो देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पहले वायरल ऑडियो में प्रार्थी उप निरीक्षक से बातचीत में कहता सुनाई दे रहा है कि 10 हजार रुपये देने के बावजूद काम नहीं हुआ और उसे जेल जाना पड़ा। इस पर उप निरीक्षक कथित तौर पर कहते हैं कि पैसा उन्हें नहीं मिला, बल्कि पूरा पैसा डीएसपी ने लिया और वही इस मामले को संभाल रहे हैं।
पत्नी से बातचीत भी वायरल
दूसरे ऑडियो (Gariaband Police Bribe Case) में प्रार्थी की पत्नी से बातचीत सामने आई, जिसमें पैसे वापस दिलाने और डीएसपी से मिलवाने की बात कही जा रही है। दूसरे वायरल ऑडियो में उप निरीक्षक प्रार्थी की पत्नी से बातचीत करते नजर आते हैं, जिसमें वे किसी ‘नंदू जी’ का जिक्र करते हैं और फोटो लाने को कहते हैं। बातचीत के दौरान महिला 10 हजार रुपये वापस मिलने की बात पूछती है, जिस पर SI कथित तौर पर जवाब देते हैं कि डीएसपी से मिलवाकर पैसे वापस दिलवा दिए जाएंगे।
हमले के मामले से जुड़ा पूरा विवाद
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला एक महिला पर हुए हमले (Gariaband Police Bribe Case) से जुड़ा है, जिसमें दो जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगे थे। आरोप है कि हमलावरों के बजाय पीड़ित परिवार पर ही मामला दर्ज कर दिया गया और केस दबाने के लिए उनसे रिश्वत ली गई।
7 दिन में मांगी गई जांच रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी उप पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। उन्हें 7 दिनों के भीतर प्राथमिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। SI पर हुई कार्रवाई से साफ है कि पुलिस विभाग ऐसे मामलों में सख्ती दिखा रहा है। हालांकि वायरल ऑडियो की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन फिलहाल इस कार्रवाई ने पूरे विभाग में हलचल मचा दी है।



