पुलिस ने आरोपी को दबोचा : Fraud in the name of job
सीजी भास्कर, 15 अप्रैल। नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां बेरोजगारी की मजबूरी का फायदा उठाकर एक महिला से लाखों रुपये ऐंठ लिए गए. मामले में डोंगरगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है. (Fraud in the name of job)
पुलिस के अनुसार, ग्राम अछोली निवासी 33 वर्षीय महिला ललिता सिंह ने थाना डोंगरगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी कि नवंबर 2025 में आशीष पुर्ती और उसका एक साथी काली राम पार्कर (निवासी जिला दुर्ग) ने उसे एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में काउंसलर पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया. (Fraud in the name of job)
इसके एवज में आरोपियों ने कुल 4 लाख रुपये की मांग की और एडवांस के रूप में 2 लाख रुपये ले लिए. पीड़िता का आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपियों ने न तो नौकरी दिलाई और न ही पैसे लौटाए. काफी समय तक टालमटोल करने के बाद जब सच्चाई सामने आई, तब पीड़िता ने पुलिस का सहारा लिया.
मामले को गंभीरता से लेते हुए डोंगरगढ़ पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी आशीष पुर्ती (43 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 04, अंश होटल के पीछे, डोंगरगढ़ को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के बाद उसे 14 अप्रैल 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. (Fraud in the name of job)
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक नौकरी के नाम पर ऐसे ठग भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते रहेंगे. पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर नौकरी के नाम पर पैसे न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें.


