सीजी भास्कर, 16 अप्रैल : मादा गौर शिकार का मामला (Balodabazar Wildlife Crime) एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों को विधिवत न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
यह मामला बलौदाबाजार जिले के वनपरिक्षेत्र अर्जुनी में अक्टूबर माह में सामने आया था, जिसमें मादा गौर के अवैध शिकार (Balodabazar Wildlife Crime) का गंभीर अपराध दर्ज किया गया था। घटना के बाद से ही वन विभाग लगातार आरोपियों की तलाश में जुटा हुआ था।
महीनों बाद मिली सफलता
वन विभाग की लगातार कार्रवाई (Balodabazar Wildlife Crime) के बाद फरार आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली है। मुखबिर तंत्र और विशेष गश्त की मदद से टीम ने लंबे समय बाद आरोपियों को दबोचा।
घटना के बाद से वन विभाग द्वारा सतत निगरानी, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और विशेष गश्त के जरिए आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी कड़ी में लगातार चलाए गए अभियान (Balodabazar Wildlife Crime) के तहत आखिरकार दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। वन विभाग की टीम ने प्रभावी रणनीति और निरंतर प्रयासों के बल पर यह सफलता हासिल की है, जिससे वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
इस मामले (Balodabazar Wildlife Crime) में आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया था। यह कानून वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान करता है। इस पूरी कार्रवाई को प्रशिक्षु सहायक वनसंरक्षक गुलशन कुमार साहू के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी सुश्री रुपेश्वरी दीवान, पार्थ शर्मा, बीट अधिकारी ललित कुमार वर्मा, भानुप्रताप आजाद और संदीप माथुर की टीम ने मिलकर इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।


