सीजी भास्कर, 16 अप्रैल 2026
एमसीबी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन के तहत जल वाहिनियों का चौथा रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित किया। इस कार्यक्रम में जल गुणवत्ता और सर्विलांस (FTK) पर विशेष ध्यान दिया गया।
यह प्रशिक्षण खड़गवा विकासखंड के पेंड्री, बोडेमुड़ा, रतनपुर, कोचका, बेल्कामर, गिधमुड़ी, लकरापारा, कटकोना, मंगोरा और उधनापुर सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से आयोजित हुआ। इसमें बड़ी संख्या में जल वाहिनियों ने भाग लिया।
जल गुणवत्ता परीक्षण की विस्तृत प्रक्रिया का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को फील्ड टेस्ट किट (FTK) का उपयोग कर जल गुणवत्ता परीक्षण की विस्तृत प्रक्रिया समझाई गई। उन्हें पानी में मौजूद रासायनिक और भौतिक तत्वों की पहचान करना, निर्धारित मानकों के अनुसार जांच करना और परीक्षण परिणामों का सही विश्लेषण करना सिखाया गया। नियमित परीक्षण के माध्यम से जल स्रोतों की गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी रखने के तरीकों पर भी जोर दिया गया।
पानी से होने वाले बिमारियों की जानकारी दी गई
कार्यक्रम के दौरान जल जनित बीमारियों जैसे डायरिया, टाइफाइड और हैजा के दुष्प्रभावों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने दूषित जल के सेवन से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति आगाह किया। जल वाहिनियों को अपने-अपने गांवों में लोगों को स्वच्छता और सुरक्षित जल उपयोग के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी भी दी गई।
भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जल वाहिनियों की क्षमता बढ़ रही है, जिससे वे ग्रामीण स्तर पर जल गुणवत्ता निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर गांव तक सुरक्षित पेयजल की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।


