सीजी भास्कर, 17 अप्रैल : बलौदाबाजार जिला मुख्यालय बलौदाबाजार स्थित जिला पंचायत सभाकक्ष में (Nari Shakti Vandan Act 2026) को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अपना समर्थन दिया। इस दौरान महिलाओं ने हस्ताक्षर अभियान में शामिल होकर इस ऐतिहासिक कानून के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम में इस अधिनियम को लोकसभा में लाने के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया। यह पूरा आयोजन महिला सशक्तिकरण अभियान के रूप में देखा जा रहा है।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान को नई ऊंचाई देगा। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे उनकी राजनीतिक भागीदारी मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह पहल महिला आरक्षण कानून (Nari Shakti Vandan Act 2026) के रूप में एक बड़ा बदलाव साबित होगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के संघर्ष और अधिकारों को पहचान देने वाला कदम है। वहीं कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने इसे महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का नया अध्याय बताया। अधिवक्ता सोनल केशरवानी ने अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी, जबकि महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली 10 महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। इसके साथ ही राजस्व मंत्री सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और महिलाओं ने हस्ताक्षर कर इस अधिनियम के समर्थन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। यह आयोजन जनजागरूकता कार्यक्रम (Nari Shakti Vandan Act 2026) के रूप में व्यापक रूप से सफल रहा।
भव्य पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब
कार्यक्रम से पहले पंडित चक्रपाणी शुक्ल हाई स्कूल प्रांगण से जिला पंचायत कार्यालय तक एक भव्य पदयात्रा निकाली गई। मंत्री टंकराम वर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं ने इसमें हिस्सा लिया और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में जागरूकता संदेश दिया।
उत्कृष्ट कार्य के लिए 10 महिलाएं सम्मानित
खेल, समाज सेवा और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 10 महिलाओं को मंच पर सम्मानित किया गया। इस दौरान महिलाओं के योगदान को सराहा गया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।


