सीजी भास्कर , 18 अप्रैल
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए पावर प्लांट हादसे में एक और घायल मजदूर की मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। मृतक मध्यप्रदेश का निवासी था और रायपुर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। हादसे में कुल 36 लोग झुलसे थे, जिनमें से 15 का इलाज अभी भी जारी है।
हादसे के बाद कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत प्रबंधन के 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी में बॉयलर पर दबाव बढ़ा, जिसके चलते विस्फोट हुआ। चेतावनी के बावजूद काम नहीं रोका गया और मशीनों के रखरखाव में भी लापरवाही बरती गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि बॉयलर फर्नेस में अधिक मात्रा में फ्यूल जमा होने से अचानक दबाव बढ़ गया, जिससे पाइप अपनी स्थिति से हट गया और विस्फोट हो गया। बताया गया कि दबाव 1 से 2 सेकेंड के भीतर तेजी से बढ़ा, जिससे सिस्टम को नियंत्रित करने का समय नहीं मिल सका।
घटना के समय बॉयलर का लोड तेजी से बढ़ाकर 350 मेगावाट से करीब 590 मेगावाट कर दिया गया था। इसके अलावा तकनीकी खामियों जैसे फैन में खराबी, अनबर्न फ्यूल और पाइपिंग सिस्टम की विफलता की भी बात सामने आई है।
घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने FIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि FIR दर्ज होने की जानकारी तो दी गई, लेकिन उसकी कॉपी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें घटना के कारण, जिम्मेदार लोगों की पहचान और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों की जांच की जाएगी।
घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है, जहां कई मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं। वहीं मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की भी घोषणा की गई है।
श्रम मंत्री ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


