सीजी भास्कर 9 मई I कोरबा जिले केहरदीबाजार थाना क्षेत्र में प्रसव के बाद 26 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका केपरिजनों ने सरकारी अस्पताल की महिला स्वास्थ्यकर्मी और मितानिन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। (Family members create ruckus after pregnant woman’s death)
उनका कहना है कि प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल में अकेला छोड़ दिया गया, जिससेसमय पर इलाज नहीं मिल सका।
प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल पहुंचे परिजन : Family members create ruckus after pregnant woman’s death
जानकारी के अनुसार, ग्राम रैकी निवासी अनिल पटेल ने वर्ष 2021 में ग्राम बोईदा की संगीता पटेल से विवाह किया था। अनिल कोल ट्रांसपोर्ट कंपनी में वाहन चालक हैं। दंपती की एक तीन वर्षीय बेटी भी है।
संगीता गर्भवती थीं और गांव के सरकारी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार देर शाम उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद परिजनों ने मितानिन गिरीश बाई को सूचना दी। अनिल अपनी पत्नी को मितानिन के साथ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां एक महिला स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मौजूद थी।
रात में हुआ प्रसव, फिर अस्पताल में छोड़ने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, रात करीब 11:30 बजे मितानिन की मदद से प्रसव कराया गया। आरोप है कि प्रसव के बाद महिला स्वास्थ्यकर्मी और मितानिन जच्चा-बच्चा को अस्पताल में छोड़कर अपने घर चले गए।
उस समय अस्पताल में संगीता और नवजात की देखभाल के लिए केवल परिवार के सदस्य ही मौजूद थे।
देर रात बिगड़ी हालत, कॉल रिसीव नहीं करने का आरोप
परिजनों का कहना है कि देर रात अचानक संगीता की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें तेज दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। घबराए परिवार वालों ने महिला स्वास्थ्यकर्मी को कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ।
परिजन पूरी रात मदद का इंतजार करते रहे और सुबह तक अस्पताल में ही रुके रहे। (Family members create ruckus after pregnant woman’s death)
रेफर के दौरान रास्ते में हुई मौत
तड़के सुबह अनिल पटेल स्वास्थ्यकर्मी को उनके घर से बुलाकर अस्पताल लाए। संगीता की हालत गंभीर देखकर उन्हें तत्काल दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई।
इसके बाद परिजन उन्हें हरदीबाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही रास्ते में संगीता की मौत हो गई।
पुलिस जांच में जुटी, दंडाधिकारी को दी गई सूचना
घटना की सूचना अस्पताल पुलिस को दी गई। महिला की मौत के मामले को देखते हुए कार्यपालिक दंडाधिकारी को भी अवगत कराया गया है। दंडाधिकारी ने पीड़ित परिवार के बयान दर्ज कर लिए हैं।
पति बोला- समय पर इलाज मिलता तो बच सकती थी जान
मृतका के पति अनिल पटेल का आरोप है कि उनकी पत्नी पूरी तरह स्वस्थ थीं और प्रसव के बाद लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि यदि स्वास्थ्यकर्मी समय पर मौजूद रहते और तत्काल इलाज मिलता, तो उनकी पत्नी की जान बचाई जा सकती थी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और कथित लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


