सचिव के समायोजन को लेकर विवाद
सीजी भास्कर, 2 जून। सुशासन तिहार के तहत नगर पंचायत जरहागांव में आयोजित शिविर में कई शिकायतें सामने आईं, जिनमें ग्राम पंचायत सचिव के कथित समायोजन का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। प्रांशु कुमार नामक युवक ने आवेदन देकर ग्राम पंचायत सचिव विकास साव को नगर पंचायत कर्मचारी बनाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। (Allegations of backdoor entry into Nagar Panchayat)
शिकायतकर्ता का कहना है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारी का नगरीय प्रशासन विभाग में समायोजन किस नियम और शासनादेश के तहत किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना खुली भर्ती प्रक्रिया के समायोजन किए जाने से बेरोजगार युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। क्षेत्र में इसे कथित “बैकडोर एंट्री” के रूप में देखा जा रहा है। शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर हितग्राही की शिकायत : Allegations of backdoor entry into Nagar Panchayat
शिविर में नगर पंचायत निवासी रामकुमार ध्रुव ने भी शिकायत दर्ज कराई। अनुसूचित जनजाति वर्ग से आने वाले रामकुमार का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका मकान करीब तीन महीने पहले स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए आवश्यक अनुमति और कार्य आदेश जारी नहीं किया गया।
रामकुमार ने आरोप लगाया कि कभी जमीन विवाद तो कभी अन्य कारण बताकर उन्हें लगातार दफ्तरों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। बरसात नजदीक होने से उनकी चिंता बढ़ गई है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
बिजली बिल गड़बड़ी और प्रशासन की जांच
नगर पंचायत निवासी पूर्णिमा जायसवाल ने भी बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायत दोहराई। उनका कहना है कि गलत मीटर रीडिंग के कारण उनके नाम 52 हजार रुपये से ज्यादा का बिजली बिल जारी कर दिया गया था। कई बार शिकायत के बावजूद एक साल बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
इन सभी मामलों को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। अपर कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी ने कहा है कि प्राप्त शिकायतों की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




