सीजी भास्कर, 20 जून : प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (Ambedkar Hospital Water Crisis) में पानी की गंभीर समस्या सामने आई है। अस्पताल की जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से वार्डों, बाथरूमों और पीने के पानी की उपलब्धता पर असर पड़ा है। मोटर खराब होने के कारण अस्पताल के विभिन्न हिस्सों तक नियमित पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन हजारों मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं, ऐसे में पानी की कमी ने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पानी के लिए भटकते रहे मरीज और परिजन
अस्पताल परिसर में कई मरीजों के परिजन हाथों में खाली बोतल, बाल्टी और डिब्बे लेकर पानी की तलाश करते नजर आए। वार्डों में भर्ती मरीजों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था प्रभावित हुई, वहीं कई बाथरूमों में पानी नहीं होने से स्वच्छता व्यवस्था भी चरमरा गई। अस्पताल परिसर में लगे कई वाटर कूलर बंद पड़े मिले, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
परिजनों का कहना है कि उन्हें भर्ती मरीजों को छोड़कर पानी की व्यवस्था के लिए अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में जाना पड़ा। कई लोगों ने मजबूरी में बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर मरीजों की जरूरत पूरी की। गर्मी और उमस के बीच पानी की कमी ने मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
मोटर खराब होने से बिगड़ी पूरी व्यवस्था
जानकारी के अनुसार अस्पताल की ऊपरी टंकियों तक पानी पहुंचाने के लिए दो प्रमुख मोटर लगी हुई हैं। नगर निगम की जलापूर्ति पहले भूमिगत टंकियों में एकत्र होती है और इसके बाद मोटरों के माध्यम से पानी अस्पताल के विभिन्न वार्डों, बाथरूमों और अन्य हिस्सों तक पहुंचाया जाता है।
बताया जा रहा है कि पिछले चार से पांच दिनों से दोनों मोटरों में तकनीकी खराबी की समस्या बनी हुई थी। एक मोटर की मरम्मत कर उसे चालू किया गया, लेकिन कुछ समय बाद वह फिर खराब हो गई। इसके चलते अस्पताल की जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई और कई हिस्सों में पानी की उपलब्धता बाधित हो गई।
स्वच्छता व्यवस्था पर भी पड़ा असर
जलापूर्ति बाधित होने का असर केवल पीने के पानी तक सीमित नहीं रहा। वार्डों और शौचालयों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हुई। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को दैनिक जरूरतों के लिए परेशानी झेलनी पड़ी। कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था बनाए रखने में भी कर्मचारियों को अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में पानी की उपलब्धता केवल सुविधा नहीं बल्कि एक बुनियादी आवश्यकता है। जलापूर्ति प्रभावित होने से संक्रमण नियंत्रण और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अस्पताल प्रबंधन ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि समस्या को गंभीरता से लेते हुए खराब मोटरों की मरम्मत का कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों के मुताबिक एक मोटर को ठीक कर लिया गया है, जबकि दूसरी मोटर को भी जल्द चालू करने की प्रक्रिया चल रही है।
प्रबंधन ने दावा किया है कि मरीजों और उनके परिजनों को वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी समाधान पर भी काम किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
अंबेडकर अस्पताल प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां रायपुर सहित प्रदेशभर से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण संस्थान में पानी जैसी मूलभूत सुविधा प्रभावित होने से व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मरीजों और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि उपचार के लिए आने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।





