सीजी भास्कर 22 अप्रैल
बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय के पास प्रस्तावित पावर और स्टील प्लांट की योजना फिलहाल रद्द हो गई है। IMAEC स्टील एंड पावर लिमिटेड ने जलाशय के समीप उद्योग स्थापित करने के लिए वेटलैंड प्राधिकरण को दिया अपना आवेदन वापस ले लिया है। यह निर्णय वन्यजीव प्रेमियों की आपत्तियों और पर्यावरणीय चिंताओं के बाद लिया गया।
EIA रिपोर्ट पर उठे सवाल
प्रस्तावित परियोजना की पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) रिपोर्ट में कथित रूप से भ्रामक जानकारी देने का मामला सामने आया था। इसके खिलाफ अधिवक्ता संदीप तिवारी और वाइल्डलाइफ फोटो जर्नलिस्ट सत्यप्रकाश पांडेय ने आपत्ति दर्ज कराई थी।
जांच के निर्देश के बाद कंपनी का फैसला
शिकायतों के बाद वेटलैंड प्राधिकरण ने बिलासपुर कलेक्टर को जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद कंपनी ने पर्यावरणीय कारणों का हवाला देते हुए अपनी ग्रीनफील्ड स्टील प्लांट परियोजना को स्वेच्छा से वापस लेने का निर्णय लिया।
वेटलैंड प्राधिकरण को पत्र
कंपनी ने छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण को औपचारिक पत्र भेजकर आवेदन निरस्त करने का अनुरोध किया है। 20 अप्रैल 2026 को भेजे गए इस पत्र में बताया गया कि परियोजना ग्राम सकरी, तहसील सकरी, जिला बिलासपुर में प्रस्तावित थी।
24 मार्च को किया गया था आवेदन
वेटलैंड एनओसी के लिए आवेदन 24 मार्च 2026 को प्रस्तुत किया गया था। कंपनी ने पत्र में यह भी माना कि परियोजना स्थल के पास स्थित कोपरा जलाशय (रामसर साइट/वेटलैंड क्षेत्र) पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।
जैव विविधता से भरपूर क्षेत्र
यह इलाका समृद्ध जैव विविधता से युक्त है और यहां विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का आवागमन होता है। वन विभाग और अन्य एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र का पर्यावरणीय महत्व काफी अधिक है।
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता
कंपनी ने अपने पत्र में कहा है कि वह पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है और इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, क्योंकि औद्योगिक परियोजना से यहां के पारिस्थितिक संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था।
PARIVESH पोर्टल से भी आवेदन वापस
कंपनी ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित स्टील प्लांट, जिसमें DRI किल्न, पावर प्लांट और अन्य इकाइयां शामिल थीं, को पूरी तरह से वापस लिया जा रहा है। साथ ही पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के PARIVESH पोर्टल से भी आवेदन हटा लिया गया है।
आगे की कार्रवाई रोकने का अनुरोध
कंपनी ने वेटलैंड एनओसी के आवेदन को निरस्त मानते हुए इस मामले में आगे कोई कार्रवाई न करने का अनुरोध किया है। इस फैसले को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
रामसर साइट में पक्षियों का बसेरा
कोपरा जलाशय छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट है, जहां समृद्ध पक्षी विविधता पाई जाती है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यहां 161 प्रजातियों के पक्षियों का निवास है, जिनमें 58 प्रवासी प्रजातियां शामिल हैं। ये पक्षी सेंट्रल एशियन फ्लाईवे के जरिए हर साल यहां पहुंचते हैं, जिनमें पांच अत्यंत संकटग्रस्त प्रजातियां भी शामिल हैं।


