सीजी भास्कर, 27 मई। दुर्ग जिले में निजी स्कूलों की ओर से पालकों पर किताब, स्कूल ड्रेस और दूसरी सामग्री एक तय दुकान से खरीदने का दबाव बनाने की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिला शिक्षा विभाग ने जांच के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर समितियों का गठन किया है। (Arbitrariness of private schools in Durg)
पालकों का आरोप है कि, कई निजी स्कूल बच्चों की किताबें, यूनिफॉर्म और दूसरी जरूरी सामग्री सिर्फ एक ही दुकान या फर्म से खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। कमेटी शिकायतों के आधार पर स्वत: संज्ञान लेकर इस पर अब कार्रवाई भी कर सकेगी। अब प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस तरह की शिकायतों पर तुरंत जांच होगी और नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
समिति में कलेक्टर, डीईओ भी शामिल : Arbitrariness of private schools in Durg
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। जांच के लिए बनाई गई जिला स्तरीय समिति में कलेक्टर अभिजीत सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद कुमार मिश्रा और राज्य कर विभाग की सहायक आयुक्त रिंकी अखिलेश सोनी को शामिल किया गया है।
विकासखंड स्तर पर भी बनी कमेटी
इसके अलावा विकासखंड स्तर पर भी अलग-अलग जांच दल बनाए गए हैं। दुर्ग विकासखंड में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व हरिवंश मिरी, बीईओ विनोद शुक्ला और जीएसटी इंस्पेक्टर गोशिवेंद्र तांडे शामिल हैं। धमधा ब्लाक में सोनाल डेविड, बीईओ अथर्व शर्मा और नागेंद्र देशमुख शामिल हैं। जबकि पाटन ब्लाक में लवकेश ध्रुव, डालेंद्र देवांगन और ताम्रध्वज साहू जिम्मेदारी संभालेंगे।
बढ़ी हुई फीस पर रखेगी निगरानी : Arbitrariness of private schools in Durg
शिक्षा विभाग के मुताबिक, जांच समितियां निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी और किताब-ड्रेस बिक्री से जुड़ी शिकायतों पर खुद भी संज्ञान ले सकेंगी। साथ ही छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन विधेयक 2020 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पालकों के लिए हेल्प डेस्क
पालकों के लिए हेल्प डेस्क भी शुरू किया गया है। अगर किसी स्कूल की ओर से एक तय दुकान से सामान खरीदने का दबाव बनाया जाता है या ज्यादा फीस वसूली की शिकायत है, तो पालक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इसके लिए मान्यता कक्ष प्रभारी विपिन गनवीर को जिम्मेदारी दी गई है। शिकायत वाट्सऐप और मोबाइल नंबर 909277888 पर भी की जा सकती है।
कार्रवाई की कही जा रही बात : Arbitrariness of private schools in Durg
शिक्षा विभाग का कहना है कि, शिकायत मिलने पर दस्तावेजों की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन के इस फैसले से उन पालकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो हर साल स्कूल खुलने के समय महंगी किताबों और ड्रेस की वजह से परेशान रहते हैं।




