सीजी भास्कर, 06 दिसंबर। उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्राध्यापक के 625 पदों पर भर्ती की घोषणा (Assistant Professor Vacancy) हुए अब दो महीने से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं हो पाया है। अभ्यर्थियों में चयन प्रक्रिया को लेकर बेचैनी बढ़ रही है क्योंकि उन्हें उम्रसीमा पार होने का भय सताने लगा है। इसके साथ ही प्रशासनिक ढांचे में वरिष्ठ अधिकारी स्तर के 25 और 50 पदों के संबंध में भी कोई नई जानकारी सामने नहीं आई है।
उम्मीदवारों का कहना है कि अक्टूबर के अंत तक विज्ञापन जारी होने की उम्मीद थी, लेकिन अब दिसंबर शुरू होने के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। यदि इसी तरह विलंब होता रहा तो (Assistant Professor Vacancy) में शामिल 50 वर्ष आयु के निकट पहुंच चुके योग्य उम्मीदवार पात्र होने के बावजूद चयन से बाहर हो सकते हैं।
सहायक प्राध्यापक भर्ती में अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष निर्धारित है और बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार हैं जिन्होंने 2019 के बाद से नेट, पीएचडी जैसी योग्यता प्राप्त की, फिर भी नियुक्ति नहीं मिली।
उनका कहना है कि यदि विज्ञापन शीघ्र जारी नहीं हुआ तो वे ओवरएज हो जाएंगे, इसलिए या तो विज्ञापन में हो रही देरी को ध्यान में रखते हुए उम्रसीमा में छूट दी जानी चाहिए या फिर विभाग को जल्द सूचनाएं जारी करनी चाहिए, ताकि वे आवेदन कर सकें।
सूत्रों के अनुसार (Assistant Professor Vacancy) के अंतर्गत प्रस्तावित 625 पदों में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, वाणिज्य, कंप्यूटर, गणित समेत विज्ञान वर्ग के प्रमुख विषय शामिल रहेंगे। वहीं 25 और 50 पदों के लिए भर्ती तीन श्रेणियों में विभाजित की जानी है, जिसकी संरचना तैयार बताई गई है। विभाग की ओर से पद गणना और सीट आवंटन प्रक्रिया पूरी होने की बात कही गई थी परंतु अंतिम विज्ञापन जारी करने का चरण अभी भी लंबित है।
घोषणा के लगभग दो माह बाद भी नोटिफिकेशन जारी नहीं होने से पात्र अभ्यर्थियों में बेचैनी तेज है। NET, JRF, PhD पूर्ण कर चुके उम्मीदवार लगातार अपडेट की प्रतीक्षा में हैं, जबकि कॉलेजों में लम्बे समय से रिक्त पद पड़े होने के कारण इसका असर आगामी सत्र पर भी पड़ सकता है। लगातार विलंब न केवल अवसर प्रभावित कर रहा है बल्कि निजी कॉलेजों में उपलब्धता और शोध कार्य आगे बढ़ाने की योजना भी बाधित हो रही है।
इसलिए चयन प्रक्रिया शीघ्र शुरू होनी चाहिए, ताकि पढ़ाई पूर्ण कर चुके युवा शिक्षण सेवा में योगदान दे सकें। सरकार की घोषणा ने हजारों आवेदकों को उम्मीद दी थी, मगर विज्ञापन जारी न होने से प्रेरणा अब चिंता में बदल चुकी है। उम्मीदवारों की निगाहें दिसंबर में संभावित अधिसूचना पर टिकी हुई हैं और यदि विभाग समय पर कदम उठाता है तो (Assistant Professor Vacancy) का इंतजार कर रहे अनेक योग्य अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है।


