सीजी भास्कर, 11 सितंबर। 5-डे वर्किंग की मांग को लेकर शुक्रवार को बैंक कर्मचारी और अधिकारी एक दिन की हड़ताल (Bank Employees Strike) पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर हुई हड़ताल से शहर की बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। कई जगह शाखाओं के बाहर ताले लगे रहे और ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

8 मार्च 2024 के समझौते को लागू करने की मांग Bank Employees Strike
बैंककर्मियों ने स्टेट बैंक कलेक्टोरेट ब्रांच के सामने प्रदर्शन कर 5-डे वर्किंग लागू करने की मांग उठाई। सेंट्रल बैंक ऑफिसर्स यूनियन के छत्तीसगढ़ प्रेसिडेंट श्याम गुप्ता ने कहा कि 8 मार्च 2024 के समझौते के तहत 5-डे बैंकिंग लागू की जानी थी, लेकिन ढाई साल बाद भी इस पर अमल नहीं हुआ है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल और इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
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काम के दबाव का मुद्दा भी उठाया
बैंक अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है, लेकिन कर्मचारियों के काम खत्म करने का समय तय नहीं होता। इसके कारण अतिरिक्त काम का दबाव बना रहता है। यूनियन का कहना है कि 5-डे वर्किंग से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर होगा
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PLI नीति में बदलाव की मांग
केनरा बैंक की कर्मचारी अंकिता सिंह ने PLI नीति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कर्मचारियों और मैनेजमेंट के लिए PLI की व्यवस्था में अंतर है। उन्होंने कर्मचारी हित में PLI नीति में बदलाव की जरूरत बताई।
ग्राहकों को हुई परेशानी
हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित रहा। जरूरी बैंकिंग कार्य के लिए पहुंचे कई ग्राहकों को वापस लौटना पड़ा। वहीं प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने आगामी आंदोलन को लेकर एकजुटता बनाए रखने की बात कही।
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खबरें और भी हैं
बैंक यूनियनों ने साफ कर दिया है कि 5-डे वर्किंग की मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। अब 28 सितंबर की तीन दिवसीय हड़ताल और उसके बाद 26 अक्टूबर के प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आंदोलन पर नजर रहेगी।


