सीजी भास्कर, 06 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जहां एक ओर पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर बांसला पहाड़ी के जंगलों में लगी आग ने चिंता बढ़ा दी। जंगल में धधकती आग और जलते पेड़ों की तस्वीरों ने वन संरक्षण के प्रयासों और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। (Bansala hill forest fire)
पर्यावरण दिवस पर जंगल में लगी आग : Bansala hill forest fire
भानुप्रतापपुर वन परिक्षेत्र के बांसला पहाड़ी क्षेत्र में जंगल में आग लगने की घटना सामने आई। आग के कारण बड़ी संख्या में पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के दिन ही जंगल में आग की घटना ने स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है।
वन्यजीवों और पर्यावरण पर खतरा
जंगलों में लगने वाली आग केवल वन संपदा को ही नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि वन्यजीवों के जीवन पर भी गंभीर असर डालती है। आग के कारण प्राकृतिक आवास प्रभावित होते हैं और जैव विविधता को खतरा पैदा होता है। ऐसे मामलों में समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं होने से नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है।
निगरानी और रोकथाम पर उठे सवाल : Bansala hill forest fire
घटना के बाद वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और आग रोकने के उपायों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। पर्यावरण संरक्षण के संदेश को सार्थक बनाने के लिए जंगलों की सुरक्षा और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करना आवश्यक माना जा रहा है।




