Bastar Earthquake Today : छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग और पड़ोसी राज्य ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रात करीब 11:31 बजे जब लोग गहरी नींद में थे, अचानक जमीन हिलने से अफरा-तफरी मच गई। जगदलपुर सहित बस्तर के कई हिस्सों में झटके इतने स्पष्ट थे कि लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए और काफी देर तक खुले मैदानों में डटे रहे।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के अनुसार:
- समय: शनिवार रात 11:31 बजे (4 अप्रैल, 2026)।
- केंद्र: ओडिशा का कोरापुट जिला (अक्षांश: 18.57° N, देशांतर: 82.55° E)।
- तीव्रता: रिक्टर स्केल पर 4.4 मैग्नीट्यूड।
- गहराई: जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे (उथला भूकंप होने के कारण झटके अधिक महसूस हुए)।
जगदलपुर से मलकानगिरी तक असर
भूकंप का असर काफी विस्तृत क्षेत्र में देखा गया। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के अलावा ओडिशा के कोरापुट, जयपुर (Jeypore), सुनाबेड़ा, लमतापुट और मलकानगिरी जिलों में भी कंपन महसूस किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झटके करीब 6 से 8 सेकंड तक महसूस हुए। कई जगहों पर घरों के बर्तन गिरने और फर्नीचर हिलने की खबरें भी आईं। सोशल मीडिया पर जगदलपुर के कुछ घरों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें कंपन साफ नजर आ रहा है।
जान-माल का कोई नुकसान नहीं
राहत की बात यह रही कि इतनी तीव्रता के बावजूद अब तक किसी भी तरह की जनहानि या बड़ी ढांचागत क्षति (Structural Damage) की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने एहतियातन प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों की चिंता: सुरक्षित जोन में हलचल
बस्तर और दक्षिण ओडिशा के क्षेत्र भूगर्भीय रूप से अपेक्षाकृत शांत माने जाते हैं। ऐसे में 4.4 तीव्रता का भूकंप आना विशेषज्ञों के लिए शोध का विषय है। भूगर्भ वैज्ञानिकों का मानना है कि जमीन के अंदर टेक्टोनिक प्लेटों में होने वाले छोटे बदलावों के कारण इस तरह की हलचल हो सकती है। स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें।


