सीजी भास्कर, 7 जनवरी। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बुधवार को आयोजित पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भारत स्काउट गाइड की बालोद में प्रस्तावित राष्ट्रीय जंबूरी अब भाजपा की गुटबाजी और भ्रष्टाचार (Bharat Scout Guide Jamboree) का अखाड़ा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जंबूरी के आयोजन का श्रेय लेने और उसमें होने वाले भ्रष्टाचार की बंदरबांट को लेकर भाजपाई आपस में लड़ रहे हैं।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह जंबूरी पहले राजधानी नवा रायपुर में आयोजित होनी थी, लेकिन शिक्षा मंत्री इसे बालोद ले गए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर भारत स्काउट गाइड का अध्यक्ष कौन है? भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल स्वयं को अध्यक्ष बता रहे हैं, जबकि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी खुद को अध्यक्ष घोषित कर रहे हैं। सरकार स्पष्ट करे कि स्काउट गाइड का असली अध्यक्ष कौन है।
उन्होंने कहा कि कल ही प्रदेश अध्यक्ष बताए जा रहे बृजमोहन अग्रवाल ने जंबूरी को रद्द करने की घोषणा कर दी, जबकि स्काउट गाइड के आयुक्त ने इसका खंडन करते हुए कहा कि जंबूरी रद्द नहीं हुई है। वहीं रात में मुख्यमंत्री के एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से पोस्ट किया गया कि 9 से 14 जनवरी तक होने वाली जंबूरी प्रदेश के लिए गर्व का विषय है, लेकिन कुछ ही देर बाद वह पोस्ट भी हटा ली गई। यह पूरा घटनाक्रम भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी और भ्रम की स्थिति को उजागर करता है।
सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप (Bharat Scout Guide Jamboree) लगाया कि जंबूरी के नाम पर पहले ही दिन भ्रष्टाचार शुरू हो गया है। बिना टेंडर के टेंट लगवाए जा रहे हैं और बिना पात्रता के शिक्षा मंत्री द्वारा अध्यक्ष पद हथियाया गया है। यह भाजपा सरकार के भीतर मौजूद गंभीर विरोधाभास और अराजकता को दर्शाता है। कांग्रेस की मांग है कि या तो जंबूरी का आयोजन रद्द किया जाए या फिर राज्यपाल स्वयं इस आयोजन को अधिग्रहित कर राजभवन की निगरानी में पूरा कार्यक्रम कराया जाए।
टेंडर प्रक्रिया में नियम बदले गए : सुबोध हरितवाल
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सुबोध हरितवाल ने कहा कि जंबूरी 2026 के लिए दो टेंडर निकाले गए, जिनमें भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। 20 दिसंबर को रद्द किए गए टेंडर और 3 जनवरी को खोले जाने वाले नए टेंडर के नियमों में स्पष्ट असमानता है। नियमों में जानबूझकर बदलाव कर अपने चहेते फर्म को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई।
उन्होंने बताया कि—
पुराने टेंडर में 3 साल का अनुभव जरूरी था, जिसे नए टेंडर में घटाकर 1 साल कर दिया गया।
पहले 3 माह की बैंक गारंटी मांगी गई थी, जिसे घटाकर 1 माह कर दिया गया।
टेक्निकल बिड के लिए पहले 90 अंकों की पात्रता थी, जिसे घटाकर 52 अंक कर दिया गया।
5 करोड़ के टर्नओवर की शर्त को घटाकर 3 करोड़ कर दिया गया।
सुबोध हरितवाल ने कहा कि आज तक न तो टेंडर (Bharat Scout Guide Jamboree) खोला गया है, न टेक्निकल बिड सार्वजनिक की गई है और न यह बताया गया कि सबसे कम बोली किसने लगाई। यह पूरा मामला सुनियोजित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बयान से भी यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और उनके अधिकारी आर्थिक अनियमितताओं में शामिल हैं।
अध्यक्ष पद पर नियुक्ति भी नियम विरुद्ध : डॉ. राकेश गुप्ता
प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव स्वयंभू अध्यक्ष बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि 13 दिसंबर 2025 को राजभवन द्वारा शिक्षा मंत्री को भारत स्काउट एंड गाइड का पदेन अध्यक्ष मनोनीत किया गया, लेकिन उससे पहले ही 9 दिसंबर 2025 को गजेंद्र यादव ने स्काउट एंड गाइड के लेटरहेड पर स्वयं को अध्यक्ष बताते हुए राज्य परिषद की बैठक बुला ली। यह नियमों का खुला उल्लंघन और राज्यपाल व मुख्यमंत्री दोनों की अवमानना का मामला है।
डॉ. गुप्ता ने आरोप लगाया कि गजेंद्र यादव का भारत स्काउट एंड गाइड से जुड़ा भ्रष्टाचार पुराना है। वर्ष 2019 में अभनपुर क्षेत्र में स्काउट एंड गाइड कार्यालय के लिए जो जमीन खरीदी गई, वह तत्कालीन कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल से ही खरीदी गई। 70 लाख रुपये में हुई इस खरीद में वास्तविक मूल्य से कहीं अधिक राशि चुकाई गई। इस सौदे में तत्कालीन अध्यक्ष के रूप में गजेंद्र यादव के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार से नवा रायपुर में जमीन मिलने का प्रावधान था, तो वहां जमीन क्यों नहीं ली गई? जवाब साफ है—क्योंकि वहां जमीन घोटाले की गुंजाइश नहीं थी।
कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि आरएसएस के पूर्व प्रदेश प्रमुख बिसरा राम यादव के पुत्र होने के कारण गजेंद्र यादव को असीमित भ्रष्टाचार(Bharat Scout Guide Jamboree) की छूट मिली हुई है। कांग्रेस ने मांग की कि भारत स्काउट एंड गाइड की राष्ट्रीय जंबूरी को तत्काल स्थगित किया जाए, पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। पत्रकारवार्ता में वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, नितिन भंसाली और सत्य प्रकाश सिंह भी उपस्थित रहे।




