सीजी भास्कर, 05 मई : स्टील सिटी भिलाई के सबसे रसूखदार इलाकों में शुमार नेहरू नगर पश्चिम (Bhilai Theft Case) में सोमवार को चोरों ने एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया है, जिसने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। जब एक परिवार अपनी भतीजी की शादी की खुशियों में शरीक होने गया था, तब शातिर चोरों ने उनके बंद मकान का ताला तोड़कर जीवन भर की कमाई पर हाथ साफ कर दिया। भिलाई का यह चोरी मामला पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खोल रहा है, क्योंकि चोरों ने दिन-दहाड़े पॉश इलाके में घुसकर लाखों के जेवरात पार कर दिए।
शादी की खुशियों के बीच पसरा सन्नाटा
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित विनय कुमार अग्रवाल दोपहर करीब 12.30 बजे परिवार के साथ अम्रपाली सोसायटी में आयोजित विवाह समारोह में गए थे। चोरों को शायद परिवार की हर गतिविधि की सटीक जानकारी थी। घर सूना पाकर बदमाशों ने सामने के दरवाजे का ताला चटकाया और भीतर दाखिल हो गए। इस सनसनीखेज चोरी मामला (Bhilai Theft Case) में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चोरों ने बड़ी इत्मीनान से अलमारी खंगाली और करीब 45 से 50 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने सहित डेढ़ लाख रुपए नकद समेट लिए। रात दो बजे जब परिवार वापस लौटा, तो घर का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए।
सीसीटीवी का न होना बना चोरों का बड़ा हथियार
नेहरू नगर पश्चिम जैसे इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे, लेकिन चोरों ने बड़ी चालाकी से उस मकान को चुना जहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। हैरानी की बात यह है कि आसपास के घरों में भी कैमरों का अभाव मिला, जिससे चोरों की पहचान मुश्किल हो गई है। इस चोरी मामला (Bhilai Theft Case) की जांच कर रही फॉरेंसिक टीम का मानना है कि यह किसी पेशेवर गिरोह का काम हो सकता है, जिसने पहले घर की रेकी की और फिर बिना किसी शोर के इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया।
एसएसपी ने संभाली कमान, विशेष टीम का गठन
चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, एएसपी सुखनंदन राठौर और क्राइम डीएसपी यदुमणि सिदार तत्काल दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों से बात की और घर के भीतर से फिंगरप्रिंट्स जुटाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। सुपेला पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं। शहर के लोग अब सवाल कर रहे हैं कि क्या पॉश कॉलोनियों में भी जनता सुरक्षित नहीं है?



