सीजी भास्कर, 26 जून : देश में रिटायरमेंट प्लानिंग को आसान और पूरी तरह डिजिटल (BHIM NPS Account ) बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) मिलकर ऐसी व्यवस्था तैयार कर रहे हैं, जिसके तहत (BHIM NPS Account) को कुछ ही मिनटों में BHIM ऐप के जरिए खोला जा सकेगा। इसके साथ ही सरकार कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के फंड को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में ट्रांसफर करने के विकल्प पर भी विचार कर रही है।
पेपरलेस और आसान होगी पूरी प्रक्रिया
नई डिजिटल व्यवस्था के लागू होने के बाद NPS अकाउंट खोलने के लिए लंबी KYC प्रक्रिया या अलग दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। BHIM ऐप बैंक खाते में पहले से उपलब्ध KYC डाटा का उपयोग करेगा, जिससे यूजर्स कुछ ही क्लिक में पेंशन अकाउंट खोल सकेंगे।
इससे खासकर वे लोग लाभान्वित होंगे जो डिजिटल सेवाओं का कम उपयोग करते हैं या जिनके लिए प्रक्रिया जटिल मानी जाती थी।
EPS से NPS में ट्रांसफर की तैयारी
वर्तमान में कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं और इनके बीच फंड ट्रांसफर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। लेकिन सरकार अब दोनों स्कीम्स के बीच पोर्टेबिलिटी लागू करने पर विचार कर रही है।
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो कर्मचारी अपने EPF/ EPS पेंशन फंड को सीधे NPS में ट्रांसफर कर सकेंगे, जिससे उन्हें निवेश पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा।
निवेशकों को मिलेगा बेहतर रिटर्न का विकल्प
NPS एक मार्केट-लिंक्ड पेंशन स्कीम है, जिसमें रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। पिछले कुछ वर्षों में इसमें 100 प्रतिशत तक इक्विटी निवेश की अनुमति देकर इसे और आकर्षक बनाया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार लंबी अवधि में यह स्कीम पारंपरिक पेंशन योजनाओं की तुलना में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखती है। इसके तहत निवेशक 60 वर्ष की आयु के बाद भी 85 वर्ष तक निवेश जारी रख सकते हैं।
गिग वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र को बड़ा फायदा
इस डिजिटल पहल से सबसे ज्यादा लाभ असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, छोटे व्यापारियों, फ्रीलांसरों और गिग वर्कर्स को मिलेगा। ऐसे लोग जिनके पास रिटायरमेंट के लिए कोई निश्चित पेंशन व्यवस्था नहीं है, वे अब BHIM ऐप के जरिए आसानी से NPS से जुड़ सकेंगे। छोटी-छोटी बचत के जरिए ये लोग अपने भविष्य के लिए मजबूत पेंशन फंड तैयार कर पाएंगे।



