सीजी भास्कर, 26 जून। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समान नागरिक संहिता से लेकर किसानों के लिए खाद और बीज की उपलब्धता तक कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने (Chhattisgarh Politics) आ गए हैं। दोनों दलों के नेताओं ने एक दूसरे पर तीखे आरोप लगाए, जिससे प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।
राजधानी रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने अलग अलग मुद्दों पर अपनी बात रखी। समान नागरिक संहिता, कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर और किसानों से जुड़े सवालों पर दोनों दलों के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली।
समान नागरिक संहिता पर बढ़ी सियासी तकरार Chhattisgarh Politics
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि समान नागरिक संहिता विविधताओं वाले देश के लिए जटिल विषय है। उनके अनुसार अलग अलग परंपराओं और समुदायों वाले समाज पर एक जैसा कानून लागू करना उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इस विषय की पूरी जानकारी तक नहीं है।
वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार ने इस विषय पर एक समिति बनाई है, जो समाज के विभिन्न वर्गों से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता से आदिवासी समाज की परंपराओं को कोई नुकसान नहीं होगा।
भाजपा नेता केदार गुप्ता ने भी कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराएं पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी। उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था से लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी बयानबाजी
अमरजीत भगत ने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को संगठन को मजबूत करने वाला कदम बताते हुए कहा कि इससे भाजपा की बेचैनी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि शिविर के बाद संगठन में नई ऊर्जा देखने को मिलेगी।
इसके जवाब में अरुण साव ने कहा कि भाजपा नहीं बल्कि कांग्रेस की चिंता बढ़ी (Chhattisgarh Politics) हुई है। उन्होंने दावा किया कि देश में भाजपा का जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है, जबकि कांग्रेस के सहयोगी दल उसका साथ छोड़ रहे हैं। केदार गुप्ता ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा पूरी तरह मजबूत है और कांग्रेस को अपने संगठन की चिंता करनी चाहिए।
खाद बीज को लेकर सरकार विपक्ष आमने सामने
प्रदेश में खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए। अमरजीत भगत ने कहा कि किसानों को समय पर खाद, बीज और सिंचाई की सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को खाद की कमी और कालाबाजारी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते (Chhattisgarh Politics) हुए कहा कि सरकार ने खाद और बीज की पर्याप्त व्यवस्था की है। उन्होंने दावा किया कि किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं है और विपक्ष केवल भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।



