सीजी भास्कर, 22 जून। बीजापुर। जिले में डीजल-पेट्रोल की किल्लत को लेकर किसानों और आम लोगों का आक्रोश सोमवार को सड़कों पर दिखाई दिया। विधायक विक्रम शाह मंडावी के नेतृत्व में नैमेड से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ रैली निकालते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। इसके बाद मिनीग्राउंड में आमसभा आयोजित कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया गया। (Bijapur Diesel Petrol Crisis)
विधायक ने सरकार पर साधा निशाना : Bijapur Diesel Petrol Crisis
सभा को संबोधित करते हुए विधायक विक्रम शाह मंडावी ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के ढाई वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन आम जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम शुरू हो चुका है और किसान पहले से खाद और बीज की समस्या से जूझ रहे हैं। अब डीजल-पेट्रोल की किल्लत ने खेती-किसानी को और मुश्किल बना दिया है।
“समस्या का समाधान नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन”
विधायक मंडावी ने आरोप लगाया कि किसान जब पेट्रोल पंपों पर ईंधन लेने पहुंचते हैं तो उन्हें डीजल-पेट्रोल देने से मना कर दिया जाता है और कई जगह उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्होंने सरकार से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्या का तत्काल समाधान नहीं हुआ तो किसान उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
किसानों ने ब्लैक मार्केटिंग का लगाया आरोप : Bijapur Diesel Petrol Crisis
दूर-दराज के गांवों से आए किसानों ने बताया कि बारिश का समय होने के कारण खेती की तैयारियां चरम पर हैं, लेकिन डीजल-पेट्रोल नहीं मिलने से खेतों में काम प्रभावित हो रहा है। किसानों का आरोप है कि पेट्रोल पंपों पर उन्हें ईंधन देने से इनकार किया जाता है, जबकि व्यापारियों को खुलेआम जरकिन और डिब्बों में डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है।





