Bilaspur Boring Accident News : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में गोकुलधाम कॉलोनी उस वक्त दहशत में आ गई, जब बोरिंग के दौरान एक रिहायशी मकान की पार्किंग का फर्श अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गया। जमीन के नीचे से निकले पानी के अत्यधिक दबाव ने टाइल्स को हवा में उछाल दिया और देखते ही देखते घर के अंदर पानी घुस गया।
मकान मालिक बाल-बाल बचे
घटना के समय मकान मालिक विशाल शर्मा मौके पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि यदि वह कुछ कदम आगे खड़े होते, तो गंभीर हादसा हो सकता था। अचानक हुए विस्फोट जैसे शोर और पानी के फव्वारे ने उन्हें संभलने तक का मौका नहीं दिया।
पास के प्लॉट में चल रही थी बोरिंग
जानकारी के मुताबिक, मकान से लगभग 30–35 फीट की दूरी पर स्थित एक खाली प्लॉट में बोरिंग का काम कराया जा रहा था। ड्रिलिंग के दौरान जमीन के नीचे मौजूद जलस्तर में अचानक छेद हो गया, जिससे पानी ने कमजोर हिस्सों से बाहर निकलने का रास्ता बना लिया।
फव्वारे की तरह निकला पानी, भारी नुकसान
तेज दबाव के कारण पानी फव्वारे की तरह बाहर निकला। पार्किंग की टाइल्स पूरी तरह टूट गईं, मकान की छत में दरारें आ गईं और अंदर लगे पंखे समेत कई घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ ही मिनटों में घर के कमरों में पानी भर गया, जिससे बड़ा नुकसान हुआ।
अवैध बोर खनन का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि बोरिंग बिना किसी अनुमति और भू-तकनीकी जांच के कराई जा रही थी। जब उन्होंने इस हादसे और नुकसान को लेकर आपत्ति जताई, तो संबंधित लोगों ने सहयोग करने के बजाय उन्हें धमकाने की कोशिश की।
तकनीकी कारणों की सामने आई वजह
जियो हाइड्रोलॉजी से जुड़े जानकारों के अनुसार, ड्रिलिंग के दौरान यदि उच्च दबाव वाले कन्फाइंड एक्वाइफर में छेद हो जाए, तो पानी बेहद तेज गति से बाहर निकलता है। कमजोर मिट्टी, पुरानी दरारें या जमीन के नीचे मौजूद पाइपलाइन इस दबाव को सहन नहीं कर पातीं और ऐसी घटनाएं हो जाती हैं।
प्रशासन से कार्रवाई और मुआवजे की मांग
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने प्रशासन से अवैध बोरिंग कार्य की जांच कराने, जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने और मकान में हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी बोर खनन कार्यों पर निगरानी और नियमों के कड़ाई से पालन की जरूरत बताई है।


