सीजी भास्क, 11 जुलाई। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर अपराधियों ने अब ‘सेक्सटॉर्शन‘ को ठगी का नया और खतरनाक हथियार बना लिया है. सिविल लाइन क्षेत्र में सक्रिय शातिर ठगों ने एक महिला शिक्षिका को अश्लील वीडियो देखने का झूठा आरोप लगाकर जाल में फंसाया. इसके बाद, बदनामी और पुलिस एफआईआर का खौफ दिखाकर उनसे 76,500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए. हालांकि, पीड़िता की शिकायत के बाद एक्शन में आई साइबर सेल ने तत्परता दिखाते हुए 28,993 रुपये की राशि को बैंक खातों में होल्ड करा दिया है. (Bilaspur Sextortion)
- घटना का क्रम: ‘सुनील’ बनकर आया अनजान कॉल
- झूठा दावा : कॉल करने वाले अज्ञात शख्स ने खुद का नाम ‘सुनील’ बताया (Bilaspur Sextortion)
- बदनामी के डर से 5 किश्तों में ट्रांसफर किए पैसे : Bilaspur Sextortion
- जानिए क्या है ‘सेक्सटॉर्शन’ और कैसे काम करता है यह जाल?
- साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई: ₹28,993 होल्ड, जांच शुरू
- 🚨 CG Bhaskar अलर्ट: ऐसे रहें सुरक्षित
घटना का क्रम: ‘सुनील’ बनकर आया अनजान कॉल
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन क्षेत्र की रहने वाली 42 वर्षीय शिक्षिका के मोबाइल पर 4 जुलाई को एक अनजान नंबर से कॉल आया था.
झूठा दावा : कॉल करने वाले अज्ञात शख्स ने खुद का नाम ‘सुनील’ बताया (Bilaspur Sextortion)
डराने की साजिश: उसने शिक्षिका के सामने दावा किया कि उसके पास शिक्षिका द्वारा मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने की पूरी जानकारी है.
एफआईआर की धमकी: जैसे ही शिक्षिका ने इस बात का विरोध किया, आरोपी ने धमकी दी कि यदि उसकी बात नहीं मानी गई, तो वह उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगा और उनकी कथित गतिविधियों को सोशल मीडिया पर वायरल कर बदनाम कर देगा.
बदनामी के डर से 5 किश्तों में ट्रांसफर किए पैसे : Bilaspur Sextortion
लगातार मिल रही धमकियों और समाज में अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा खोने के डर से शिक्षिका बुरी तरह घबरा गईं. इस स्थिति का फायदा उठाते हुए, आरोपी ने उन्हें एक क्यूआर (QR) कोड भेजा और फोन-पे (PhonePe) के जरिए अलग-अलग किश्तों में रकम भेजने का दबाव बनाया.
डर के साये में जी रही शिक्षिका ने पांच अलग-अलग किश्तों में कुल 76,500 रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिए. बाद में, जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ, तब उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन और सिविल लाइन थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई.
जानिए क्या है ‘सेक्सटॉर्शन’ और कैसे काम करता है यह जाल?
सेक्सटॉर्शन साइबर अपराध का एक ऐसा घातक तरीका है, जिसमें अपराधी किसी भी आम नागरिक को अश्लील फोटो, वीडियो या यौन गतिविधियों के नाम पर डराकर मोटी रकम वसूलते हैं. आमतौर पर, अधिकांश मामलों में पीड़ित द्वारा कोई वीडियो नहीं देखा गया होता, बल्कि सिर्फ झूठा आरोप लगाकर या एडिटिंग के जरिए फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर लोगों को मानसिक दबाव में लाया जाता है. बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से कई लोग पुलिस के पास जाने के बजाय ठगों के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा देते हैं.

साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई: ₹28,993 होल्ड, जांच शुरू
शिक्षिका की शिकायत मिलते ही बिलासपुर पुलिस की साइबर सेल तुरंत एक्शन मोड में आ गई. सेल के अधिकारियों ने संबंधित बैंकिंग चैनलों से तत्काल समन्वय स्थापित किया और ट्रांजैक्शन को ट्रैक कर 28,993 रुपये की राशि को बीच में ही होल्ड करा दिया. वर्तमान में, सिविल लाइन पुलिस ने ठगी का केस दर्ज कर लिया है और मोबाइल नंबर, बैंक खातों व डिजिटल ट्रांजैक्शन हिस्ट्री के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है.
🚨 CG Bhaskar अलर्ट: ऐसे रहें सुरक्षित
🚫 घबराएं नहीं: अश्लील वीडियो, डिजिटल अरेस्ट या पुलिस कार्रवाई की धमकी देने वाले अनजान कॉल और मैसेजेस से बिल्कुल न डरें.
🙅♂️ पेमेंट न करें: किसी भी अज्ञात व्यक्ति या कॉलर के कहने पर भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन न करें और न ही कोई ऑनलाइन भुगतान करें.
📞 तुरंत रिपोर्ट करें: ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं.
💡 याद रखें: पुलिस या कोई भी सरकारी जांच एजेंसी कभी भी फोन पर पैसे जमा कराने या क्यूआर कोड स्कैन कराने के निर्देश नहीं देती है.



