सीजी भास्कर, 04 जुलाई। मुंबई और अहमदाबाद के बीच प्रस्तावित देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना में भूमिगत सुरंग निर्माण का कार्य शुरू होने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार को मुंबई के विक्रोली से बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) तक बनने वाली सुरंग की खुदाई का शुभारंभ करेंगे। इस परियोजना में पहली बार अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का उपयोग किया जाएगा। (Bullet Train Project)
परियोजना के तहत कुल 20.37 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जाएगी, जिसमें लगभग 7 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे से होकर गुजरेगा। यह सुरंग जमीन से करीब 65 मीटर की गहराई पर तैयार की जाएगी। इसके लिए जर्मनी में निर्मित दो विशेष टनल बोरिंग मशीनों का उपयोग किया जाएगा, जिन्हें समुद्री मार्ग से भारत लाया गया था।
यह सुरंग बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स और शिलफाटा को आपस में जोड़ेगी। कुल 15.4 किलोमीटर हिस्से की खुदाई टीबीएम के जरिए की जाएगी, जबकि शेष 4.8 किलोमीटर हिस्से का निर्माण ड्रिल-एंड-ब्लास्ट तकनीक से पहले ही पूरा किया जा चुका है। पहली मशीन विक्रोली से बीकेसी की ओर लगभग 5.8 किलोमीटर लंबी सुरंग तैयार करेगी, जबकि दूसरी मशीन सावली से विक्रोली तक 9.7 किलोमीटर हिस्से की खुदाई करेगी। (Bullet Train Project) इसी हिस्से में समुद्र के नीचे की लगभग 7 किलोमीटर लंबी सुरंग भी शामिल होगी।
अधिकारियों के अनुसार, रेल मंत्री एक बटन दबाकर टनल बोरिंग मशीन के संचालन की शुरुआत करेंगे। वर्तमान में पहली मशीन विक्रोली में लगभग 56.6 मीटर की गहराई पर स्थापित है, जबकि दूसरी मशीन को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दोनों मशीनों की क्षमता प्रति माह लगभग 300 मीटर सुरंग खोदने की है।
परियोजना (Bullet Train Project) पूरी होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेनें 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और यात्रियों को तेज एवं आधुनिक रेल सुविधा मिलेगी।



