सीजी भास्कर, 06 जून : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE Re-Evaluation Rules Changed) ने कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन (Re-Evaluation) प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। हाल के साइबर सुरक्षा खतरों और तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए बोर्ड ने OnMark प्लेटफॉर्म को री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया से हटा दिया है। अब उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन से जुड़ा पूरा कार्य सीबीएसई के स्वयं के पोर्टल और सर्वर के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
साइबर सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला
सीबीएसई ने इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़े पैमाने पर डिजिटल तकनीक का उपयोग किया था। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद कुछ विद्यार्थियों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी समस्याओं और संभावित त्रुटियों की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद बोर्ड ने तकनीकी समीक्षा कर यह निर्णय लिया कि पुनर्मूल्यांकन जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को सीधे अपने नियंत्रण में संचालित किया जाए। बोर्ड ने छात्र और परीक्षा संबंधी सभी महत्वपूर्ण डेटा को अपने सुरक्षित सर्वरों पर स्थानांतरित कर दिया है, ताकि प्रक्रिया की गोपनीयता और विश्वसनीयता बनी रहे।
IIT के विशेषज्ञ करेंगे निगरानी
री-इवैल्यूएशन प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सीबीएसई ने तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली है। इस कार्य के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों की चार सदस्यीय टीम को शामिल किया गया है।
यह टीम साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण, कंप्यूटर सिस्टम और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की निगरानी करेगी। बोर्ड का कहना है कि हाल में कुछ साइबर हमलों की कोशिशें हुई थीं, लेकिन समय रहते उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया और किसी भी छात्र का डेटा प्रभावित नहीं हुआ।
7 जून तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति
जिन विद्यार्थियों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है, वे 7 जून तक पोस्ट रिजल्ट पोर्टल के माध्यम से प्रश्नवार आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
सीबीएसई के अनुसार अब तक हजारों विद्यार्थियों ने अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
क्या बदला है
- OnMark प्लेटफॉर्म को री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया से हटाया गया
- पुनर्मूल्यांकन अब CBSE के सर्वर पर होगा
- IIT कानपुर और IIT मद्रास के विशेषज्ञ करेंगे तकनीकी निगरानी
- छात्र डेटा की सुरक्षा बढ़ाई गई
- 7 जून तक दर्ज कर सकेंगे प्रश्नवार आपत्ति




