सीजी भास्कर, 02 जून : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। करीब एक साल पहले हुई एक युवक की रहस्यमयी मौत के मामले में पुलिस ने जो चौंकाने वाला खुलासा किया है, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है। जिसे दुनिया अब तक महज़ एक साधारण हादसा समझ रही थी, वह दरअसल एक बेहद शातिराना और ठंडे दिमाग से प्लान की गई हत्या थी। बेवफा पत्नी ने अपने अवैध प्रेम संबंधों को छुपाने और रास्ते के कांटे को हटाने के लिए अपने प्रेमी और दो अन्य भाड़े के गुर्गों के साथ मिलकर अपने ही सुहाग की बेरहमी से बलि चढ़ा दी थी। आरोपियों ने पहले युवक को जाल बुनकर बुलाया, उसे आकंठ शराब पिलाई और फिर बेसुध होते ही बिजली के नंगे तारों से करंट लगाकर तड़पा-तड़पा कर मार डाला। कांकेर पुलिस ने इस उलझी हुई (CG Blind Murder Mystery) को पूरी तरह सुलझाते हुए कातिल पत्नी समेत चारों आरोपियों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
आधी रात को खेत की झोपड़ी में तड़पी थी जिंदगी
इस खूनी साजिश की शुरुआत पिछले साल हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 24 मई 2025 को बालोद जिले के दल्लीराजहरा के रहने वाले मुकेश विश्वास नामक युवक की लाश कांकेर जिले के सुदूर बांदे थाना क्षेत्र में बेहद संदिग्ध और लावारिस हालत में बरामद की गई थी। शुरुआती तौर पर घटनास्थल को देखकर ऐसा ताना-बाना बुना गया था कि यह एक सामान्य शॉर्ट सर्किट या करंट लगने का हादसा लगे। जब पुलिस ने शव का पंचनामा किया, तो मृतक के दोनों हाथों और उंगलियों पर अंदर तक जलने के गहरे निशान पाए गए थे।
शॉर्ट पीएम और बाद में आई विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने साफ तौर पर लिखा कि मौत का असली कारण शरीर में हाई-वोल्टेज करंट का दौड़ना ही था। लेकिन, पुलिस के पास उस वक्त ऐसा कोई गवाह या ठोस सबूत नहीं था जिससे यह साबित हो सके कि करंट किसने और कैसे लगाया। कोई सुराग न होने के कारण यह मामला फाइलों में एक बेहद पेचीदा (CG Blind Murder Mystery) बनकर पूरी तरह दफन हो गया था।
‘कॉल डिटेल’ ने खोल दी बेवफा पत्नी की पोल
एक साल तक मामला शांत रहने के बाद भी कांकेर पुलिस इस केस को भूली नहीं थी। मामले की गंभीरता और हत्या की तगड़ी आशंका को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। इस बार पुलिस ने पारंपरिक मुखबिर तंत्र के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी जांच और साइबर सेल की मदद ली। साइबर सेल ने जब मृतक के करीबियों और संदिग्धों के मोबाइल नंबरों का डेटा खंगालना शुरू किया, तो उनके हाथ एक बहुत बड़ा सुराग लगा।
पुलिस को पता चला कि मुकेश की मौत के पहले और उसके ठीक बाद, उसकी पत्नी सरस्वती विश्वास और कांकेर के ही रहने वाले इन्द्रजीत दास नामक युवक के बीच लगातार लंबी बातचीत हो रही थी और दोनों हर समय एक-दूसरे के संपर्क में थे। इस पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के आधार पर जब पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से और मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ की, तो उनकी जुबान लड़खड़ा गई। इसके बाद जो सच सामने आया, उसने इस (CG Blind Murder Mystery) से पूरी तरह पर्दा उठा दिया।
तलाक की अर्जी से डरी पत्नी ने रचा कत्ल का पूरा ताना-बाना
पुलिस की कस्टडी में आरोपियों ने कबूल किया कि मृत मुकेश विश्वास की पत्नी सरस्वती और इन्द्रजीत दास के बीच पिछले कई सालों से बेहद गहरे अवैध प्रेम संबंध चल रहे थे। समय के साथ मुकेश को अपनी पत्नी की इस बेवफाई और अवैध रिश्ते की भनक पूरी तरह लग चुकी थी, जिसके कारण उनके घर में हर रोज भारी घरेलू विवाद और मानसिक तनाव की स्थिति बनी हुई थी। बात इतनी ज्यादा बिगड़ चुकी थी कि मुकेश अब अपनी पत्नी सरस्वती को हमेशा के लिए छोड़ने और अदालत में तलाक (डाइवोर्स) की अर्जी दाखिल करने की पूरी कानूनी तैयारी कर चुका था।
बस यही बात आरोपियों को हजम नहीं हुई। प्रेमी इन्द्रजीत और पत्नी सरस्वती को डर था कि तलाक होने के बाद समाज में उनकी भारी बदनामी होगी और मुकेश उनकी राह का हमेशा के लिए रोड़ा बन जाएगा। इसी खौफ के कारण दोनों ने मुकेश को हमेशा-कमेशा के लिए रास्ते से हटाने का एक बेहद खौफनाक और फुलप्रूफ प्लान तैयार किया।
रंगे हाथों पकड़े गए कातिल
तयशुदा साजिश के तहत, आरोपियों ने पिछले साल मई के महीने में मुकेश को किसी बहाने से फुसलाकर बांदे इलाके के एक सुनसान खेत में बनी झोपड़ी में बुलाया। वहां पहले से ही प्रेमी इन्द्रजीत अपने दो अन्य साथी सुरेन्द्र बछाड़ और रंजीत सरकार के साथ भारी मात्रा में शराब लेकर तैयार बैठा था। सभी ने मिलकर मुकेश को जबरन और बहला-फुसलाकर इतनी ज्यादा शराब पिलाई कि वह पूरी तरह से अचेत और सुध-बुध खो बैठा। जैसे ही मुकेश गहरी बेहोशी की हालत में गया, चारों आरोपियों ने मिलकर बिजली के खंभे से खींचे गए नंगे और लाइव तारों को मुकेश के हाथों और उंगलियों में जबरन टच करा दिया।
कड़कड़ाते करंट की चपेट में आते ही मुकेश के शरीर के आंतरिक अंगों ने काम करना बंद कर दिया और मौके पर ही तड़प-तड़प कर उसकी दर्दनाक मौत हो गई। मौत सुनिश्चित करने के बाद आरोपियों ने शव को झोपड़ी से बाहर फेंक दिया ताकि लोग इसे बिजली की चपेट में आने का एक आम हादसा समझें।
पुलिस ने अब आरोपियों की निशानदेही पर हत्या की वारदात में इस्तेमाल किए गए मुख्य बिजली के तार, साक्ष्य छुपाने में प्रयुक्त मोबाइल फोन और अन्य कई महत्वपूर्ण सामग्रियां बरामद कर ली हैं। इतना ही नहीं, कोर्ट में केस को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस की फोरेंसिक टीम ने आरोपियों की मौजूदगी में घटनास्थल का ‘क्राइम सीन री-कंस्ट्रक्शन’ (वारदात का नाट्य रूपांतरण) भी कराया, जिससे वैज्ञानिक तौर पर हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने पत्नी सरस्वती विश्वास, प्रेमी इन्द्रजीत दास, सहयोगी सुरेन्द्र बछाड़ और रंजीत सरकार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें कड़े पहरे में न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस प्रकार तकनीक और बेहतरीन पुलिसिंग के दम पर छत्तीसगढ़ की यह सबसे बड़ी (CG Blind Murder Mystery) अपने मुकाम तक पहुंच सकी।




