सीजी भास्कर, 30 मई : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वैवाहिक विवाद और पारिवारिक कोर्ट-कचहरी (CG Family Dispute Fraud) के बीच एक ऐसा सनसनीखेज, पेचीदा और फिल्मी हनीट्रैप नुमा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे के भी कान खड़े कर दिए हैं। महिला थाने में चल रही काउंसलिंग के दौरान अपनी ही पत्नी के खिलाफ डिजिटल सबूत जुटाना एक सरकारी अफसर को इस कदर भारी पड़ गया कि विरोधियों ने उनके सारे सबूतों को ही बीच सड़क पर लूट लिया।
खुद को एक नामी न्यूज चैनल का रसूखदार ‘पत्रकार’ बताकर शातिर अपराधियों ने उपअभियंता (इंजीनियर) को सुनियोजित जाल में फंसाया और फिर अंधेरे का फायदा उठाकर जान से मारने की धमकी देते हुए उनका मोबाइल लूटकर रफूचक्कर हो गए। हैरान करने वाली बात यह है कि यह खौफनाक वारदात दिसंबर 2025 में घटित हुई थी, लेकिन पूरे पांच महीने तक चले प्रशासनिक सस्पेंस और जांच के बाद अब जाकर तेलीबांधा थाना पुलिस ने इस मामले में ऑफिशियल एफआईआर (FIR) दर्ज की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद राजधानी के रसूखदार गलियारों में (CG Family Dispute Fraud) को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
दरअसल, यह पूरा मामला किसी रंजिश या सामान्य लूटपाट का नहीं है, बल्कि कोर्ट में चल रहे केस को पूरी तरह प्रभावित करने के लिए बैकस्टेज रची गई एक बहुत बड़ी और शातिर कानूनी साजिश का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बेमेतरा जिले के साजा जल संसाधन विभाग (Water Resources Department) में पदस्थ उपअभियंता गौरव साहू का उनकी पत्नी अंजलि साहू के साथ गंभीर पारिवारिक विवाद चल रहा है।
रायपुर के महिला थाने में दोनों के बीच सुलह और काउंसलिंग की प्रक्रिया चल रही थी। इसी काउंसलिंग के दौरान पीड़ित इंजीनियर ने अपनी पत्नी के कुछ ऐसे राज और सबूत होने का दावा किया था, जिससे पत्नी का केस पूरी तरह कमजोर हो सकता था। बस, यहीं से इंजीनियर को कंगाल और बेबस बनाने का यह खतरनाक खेल शुरू हुआ। अपनी सुरक्षा और हक के लिए कड़ा कदम (CG Family Dispute Fraud) उठाने की कोशिश में लगे इंजीनियर को अंदाजा भी नहीं था कि उनके दांव को पलटने के लिए शिकारी पहले से जाल बिछाए बैठे हैं।
फिर कॉलर पकड़कर ले गए अंधेरे में!
पर्दे के पीछे का सस्पेंस यह है कि काउंसलिंग रूम की यह बेहद गोपनीय बात बाहर कैसे आई और उन फर्जी पत्रकारों तक किसने पहुंचाई? शिकायत के मुताबिक, 16 दिसंबर 2025 को गौरव साहू के पर्सनल मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले शातिर शख्स ने खुद को एक बड़े न्यूज पोर्टल का खोजी पत्रकार बताया और कहा कि “आपके पास जो सबूत हैं, उस पर हमें एक बड़ा इंटरव्यू और खबर चलानी है, आप अकेले मिलने आइए।
मिलने का वीआईपी स्पॉट तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फाइव स्टार होटल ‘कोटयार्ड मैरियट’ के पास तय किया गया। पीड़ित गौरव अपने एक दोस्त अनिमेष पांडेय को साथ लेकर वहां पहुंचे। जैसे ही वे होटल के बाहर खड़े हुए, वहां पहले से घात लगाकर बैठे दो अज्ञात युवक उनके पास आए और अचानक उनका कॉलर पकड़कर उन्हें खींचते हुए एक सुनसान और अंधेरे स्थान की ओर ले गए। इस अचानक हुए हमले से पीड़ित के मानसिक और सामाजिक सम्मान को जो नुकसान (CG Family Dispute Fraud) पहुंचा, उसने उन्हें पूरी तरह झकझोर कर रख दिया।
अंधेरे का फायदा उठाकर वहां पलक झपकते ही दो और नकाबपोश युवक मोटर साइकिल से पहुंच गए। चारों आरोपितों ने गौरव को घेर लिया और कड़े लहजे में कहा कि “तेरे मोबाइल में अंजलि के खिलाफ जो भी वीडियो, ऑडियो और सबूत हैं, वे सब अभी के अभी हमें देखने हैं।” इसी बहाने उन्होंने गौरव का कीमती मोबाइल जबरन अपने कब्जे में ले लिया।
कुछ देर बाद जब इंजीनियर ने अपना फोन वापस मांगा, तो फर्जी पत्रकारों का चोला ओढ़े उन गुंडों ने मां-बहन की अश्लील गालियां देना शुरू कर दिया। उन्होंने गौरव का गला दबाते हुए जान से मारने की सीधी धमकी दी और मोबाइल लेकर मुख्य मार्ग की तरफ फरार हो गए। इस सुनियोजित लूटपाट ने पूरे रायपुर की कानून-व्यवस्था में बदलाव (CG Family Dispute Fraud) के दावों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है, क्योंकि शहर के इतने व्यस्त और पॉश इलाके में दिन-दहाड़े ऐसी वारदात को अंजाम दिया गया।
5 महीने बाद जागी तेलीबांधा पुलिस
इंजीनियर गौरव साहू का साफ तौर पर आरोप है कि जब बाद में वे दोबारा महिला थाने की काउंसलिंग में शामिल हुए, तब उन्हें यह अहसास हुआ कि यह कोई राह चलती लूट नहीं थी। बल्कि उनकी पत्नी के खिलाफ मौजूद उन अकाट्य सबूतों को हमेशा के लिए नष्ट करने और कोर्ट में केस को एकतरफा जीतने के उद्देश्य से यह पूरी साजिश रची गई थी। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पीड़ित लगातार थानों के चक्कर काटता रहा, और अब जाकर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शहर के संवेदनशील मामलों से जुड़ा एक नया नियम (CG Family Dispute Fraud) लागू करते हुए उस अज्ञात मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर ले लिया है जिससे कॉल आया था।
अब सबसे बड़ा सस्पेंस और पुलिस के सामने चुनौती यह है कि क्या इस पूरी लूटकांड की मास्टरमाइंड खुद पीड़ित की पत्नी है या फिर उसके पीछे कोई बड़ा ब्लैकमेलर सिंडिकेट काम कर रहा है जो पारिवारिक विवादों में फंसे पुरुषों को अपना निशाना बनाता है? तेलीबांधा पुलिस की एक विशेष टीम कोटयार्ड मैरियट होटल और उसके आसपास के मुख्य चौराहों पर लगे दर्जनों हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है, ताकि उन चारों बदमाशों के चेहरों की शिनाख्त की जा सके। बहरहाल, इस अनोखी लूट ने रायपुर के प्रशासनिक और न्यायिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। आने वाले दिन इस केस की जांच के लिए बेहद नाजुक होने वाले हैं, जहां साइबर सेल की जांच की गति (CG Family Dispute Fraud) यह तय करेगी कि क्या पुलिस उस लूटे गए मोबाइल को बरामद कर उस सीक्रेट सबूत को बचा पाती है, या फिर अपराधियों की यह सोची-समझी साजिश पूरी तरह कामयाब हो जाएगी।




