सीजी भास्कर, 01 जून : भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए राहत (CG Pre Monsoon Alert) की बड़ी खबर आ रही है। आसमान से बरसती आग के बीच अचानक मौसम ने करवट बदल ली है। छत्तीसगढ़ मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य में अगले पांच दिनों तक लगातार झमाझम बारिश के साथ तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की गंभीर संभावना जताते हुए एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। दरअसल, राज्य के वायुमंडल में प्री-मानसून गतिविधियां काफी तेजी से सक्रिय हो चुकी हैं, जिसकी वजह से प्रदेश के कई बड़े और छोटे जिलों में मानसून से पहले ही अच्छी और राहतकारी बारिश होने के पूरे आसार बने हुए हैं। आम जनता को इस बदलते मौसम से गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन सतर्कता भी बरतनी होगी, क्योंकि यह बदलाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगले 48 घंटे के लिए बेहद तेज हवाओं का डेंजर अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अगले 48 घंटों के लिए एक विशेष और बेहद जरूरी चेतावनी जारी की है। इस दौरान छत्तीसगढ़ के अलग-अलग ग्रामीण और शहरी हिस्सों में 50 से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से धूलभरी और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इन तेज हवाओं के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने, बादलों की भारी गरज-चमक और अचानक तेज बारिश होने की भी पूरी आशंका बनी हुई है। आने वाले चार से पांच दिनों में पूरे प्रदेश के तापमान और वातावरण में लगातार बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम का यह तीखा रूप राज्य (CG Pre Monsoon Alert) से जुड़ी सभी तैयारियों को परखने का एक बड़ा जरिया बन गया है।
बेमेतरा में प्रकृति का अद्भुत और अनोखा नजारा
इस बदलते मौसम के बीच छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक बेहद खूबसूरत, सुखद और इंसानी भावनाओं को छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है। बेमेतरा जिले के नवागढ़ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम कटई में इस साल भी प्रकृति का एक अद्भुत और अनोखा नजारा देखने को मिला है। सुदूर ठंडे देशों से उड़कर आए लगभग 200 की संख्या में खूबसूरत साइबेरियन पक्षियों का एक बड़ा दल बीती 30 मई को सीधे इस छोटे से गांव में पहुंच गया। भारतीय संस्कृति और ग्रामीण परिवेश में यह माना जाता है कि ये सुंदर प्रवासी पक्षी अपने पंखों पर मानसून के आने का शुभ संकेत लेकर आते हैं।
ग्राम कटई के बुजुर्गों और ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो दशकों से इन विदेशी पक्षियों का हर साल गांव में आना बेहद शुभ और अच्छी फसल का संकेत माना जाता है। ये मेहमान पक्षी हर साल जून के शुरुआती हफ्ते से लेकर दिसंबर-जनवरी की कड़ाके की ठंड तक इसी गांव के आसपास अपना डेरा जमाते हैं। इस दौरान वे गांव के पारंपरिक तालाबों, प्राकृतिक झीलों और नदियों के बहते पानी में अपने लिए भोजन की तलाश करते हैं। सबसे खास बात यह है कि ये पक्षी यहाँ पूरी तरह सुरक्षित महसूस करते हैं, यही आकर वे अंडे देते हैं और प्रजनन के बाद जब इनके नन्हे बच्चे आसमान में ऊंची उड़ान भरने में पूरी तरह सक्षम हो जाते हैं, तब ये पूरा दल एक साथ वापस अपने मूल देश लौट जाता है। ग्रामीणों का पक्षियों के प्रति यह गहरा लगाव और प्रेम (CG Pre Monsoon Alert) की खबरों के बीच प्रकृति और मानव के अटूट रिश्ते की एक सबसे सुंदर मिसाल पेश करता है।
झमाझम बारिश से पारे में भारी गिरावट
पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश के कई दक्षिणी और मध्य जिलों में अचानक मध्यम से लेकर भारी बारिश दर्ज की गई है। इस अचानक हुई मानसूनी बौछारों की वजह से राज्य के अधिकतम तापमान में तेजी से 1 डिग्री सेल्सियस से लेकर 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट देखने को मिली है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत मिली है। रायपुर मौसम विभाग का ताजा अनुमान है कि अगले दो दिनों के भीतर राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने से तापमान में और भी ज्यादा गिरावट दर्ज हो सकती है, जिसके बाद मौसम साफ होने पर हल्की बढ़ोतरी संभव है। तापमान का यह उतार-चढ़ाव वर्तमान स्थिति (CG Pre Monsoon Alert) को पूरी तरह से प्रभावित कर रहा है।
प्रदेश के अलग-अलग कोनों में तापमान का उतार-चढ़ाव अभी भी जारी
हालांकि, इस मानसूनी बारिश के बावजूद छत्तीसगढ़ के कुछ मैदानी जिलों में अभी भी दोपहर के वक्त गर्मी का तीखा असर देखने को मिल रहा है। बीते दिन राजनांदगांव जिले में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके साथ ही वह पूरे प्रदेश का सबसे गर्म जिला बना रहा। इसके ठीक विपरीत, उत्तरी छत्तीसगढ़ के पहाड़ी अंचल अंबिकापुर में रात के समय मौसम काफी ठंडा हो गया और वहां न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रिकॉर्ड किया गया।
प्रदेश की राजधानी रायपुर में भी मौसम पूरी तरह से बदलने के साफ संकेत मिल रहे हैं। रायपुर के आसमान में सुबह से ही काले बादल छाए हुए हैं, जिसके चलते शहर और आसपास के इलाकों में गरज-चमक, धूलभरी तेज आंधी और झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना मौसम विभाग ने जताई है। राजधानी का अधिकतम तापमान लगभग 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का सटीक अनुमान लगाया गया है। रायपुर के नागरिक भी लगातार आ रहे इन बदलावों (CG Pre Monsoon Alert) पर अपनी नजरें टिकाए हुए हैं।
आने वाले कुछ दिन छत्तीसगढ़ के लिए बेहद अहम और नाजुक
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आने वाले अगले कुछ दिन पूरे प्रदेश के जनजीवन और विशेष रूप से कृषि कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और नाजुक रहेंगे। इस दौरान कहीं अचानक तेज और मूसलाधार बारिश जनजीवन को प्रभावित कर सकती है, तो कहीं अचानक चलने वाली तेज हवाएं पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
इसी गंभीरता को देखते हुए राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आम नागरिकों से भी पुरजोर अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान बड़े पेड़ों, कच्चे मकानों या बिजली के ट्रांसफार्मर के नीचे शरण न लें, पूरी तरह सतर्क रहें और रेडियो, टीवी या मोबाइल के माध्यम से मौसम की हर पल की आधिकारिक जानकारी (CG Pre Monsoon Alert) पर अपनी नजर लगातार बनाए रखें। प्रकृति का यह रूप हमें सचेत भी करता है और आने वाली खुशहाली का अहसास भी कराता है। यह सुंदर प्राकृतिक व्यवस्था (CG Pre Monsoon Alert) के नियमों के अनुसार समय पर धरती की प्यास बुझाने का काम करती है।




