सीजी भास्कर, 30 मई : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे सुरक्षित और वीआईपी (VVIP) रिहायशी इलाकों में शुमार आमानाका थाना क्षेत्र के टाटीबंध से सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाली एक ऐसी सनसनीखेज और खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे शहर के रसूखदारों को हिलाकर रख दिया है। दिन के उजाले में, जब चारों तरफ लोगों की आवाजाही थी, तब शातिर चोरों ने एक पॉश कॉलोनी के सूने मकान को निशाना बनाकर लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पर साफ हाथ कर दिया।
यह दुस्साहसिक चोरी टाटीबंध स्थित ‘पार्थिवी पेसिफिक’ जैसी हाई-प्रोफाइल कॉलोनी के भीतर हुई, जिससे पुलिस महकमे के सुरक्षा दावों का खोखलापन पूरी तरह बेनकाब हो गया है। इस बड़ी वारदात के बाद पूरी राजधानी में (CG Raipur Capital Theft) को लेकर रहवासियों के भीतर भारी खौफ, संशय और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया है।
दरअसल, यह पूरी वारदात किसी फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह सोची-समझी रेकी का हिस्सा मानी जा रही है। पुलिस के अनुसार, डाफोडिल, पार्थिवी पेसिफिक टाटीबंध निवासी स्वप्नेश्वर हरिचंदन ने इस बड़ी चोरी की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है, जो सिलतरा स्थित गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड में मैनेजर के पद पर पदस्थ हैं। गर्मी की छुट्टियां होने के कारण मैनेजर की पत्नी और बच्चे ओडिशा स्थित अपने पैतृक गांव गए हुए थे, जिसके चलते वे घर पर बिल्कुल अकेले रह रहे थे।
28 मई की सुबह करीब 5.15 बजे वे हमेशा की तरह घर के मुख्य दरवाजे पर मजबूत ताला जड़कर अपनी ड्यूटी के लिए सिलतरा प्लांट निकल गए थे। इसी सूनेपन का फायदा उठाने के लिए चोर बैकस्टेज घात लगाकर बैठे थे। दोपहर करीब 3.15 बजे जब वे वापस लौटे, तो घर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मुख्य दरवाजे का भारी कुंदा लोहे की रॉड से बेरहमी से तोड़ा जा चुका था। इस लचर सुरक्षा व्यवस्था के खिलाफ कड़ा कदम (CG Raipur Capital Theft) उठाते हुए पीड़ित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
गोदरेज अलमारी का लॉकर कटर से काटा
पीड़ित स्वप्नेश्वर जब कांपते हुए कदमों से घर के भीतर दाखिल हुए, तो बेडरूम की हालत देखकर वे सन्न रह गए। कमरे में रखी भारी-भरकम गोदरेज अलमारी का मुख्य ताला और उसके भीतर का सबसे सुरक्षित माना जाने वाला लोहे का लॉकर भी कटर से काटा जा चुका था। अलमारी में रखे पूरे परिवार की जीवनभर की कमाई के जेवरात और नकदी गायब थे।
पीड़ित के अनुसार, चोर सोने की बेशकीमती अंगूठियां, मंगलसूत्र, छह जोड़ी सोने की बालियां, उनके मासूम बच्चे का सोने का कड़ा, सोने के लॉकेट्स, चूड़ियां, चांदी की भारी पायल, बिछिया, चांदी की कटोरी, चम्मच, प्राचीन सिक्के और लॉकर में रखे पांच हजार रुपये नकद लेकर पलक झपकते ही फरार हो गए। इस शातिर चोरी से पीड़ित परिवार को हुए नुकसान (CG Raipur Capital Theft) का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चोरी गए सामान की कुल शासकीय कीमत करीब 5 लाख 55 हजार रुपये आंकी गई है।
घटनास्थल पर अलमारी के कपड़े और लॉकर के टूटे हुए हिस्से पूरे बेड और फर्श पर बिखरे पड़े थे, जिसकी तस्वीरें पुलिस ने साक्ष्य के रूप में ज़ब्त की हैं। पॉश कॉलोनी के भीतर दिनदहाड़े कटर मशीन लेकर घुसने और इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल जाने के इस पैटर्न ने पुलिस को भी हैरत में डाल दिया है। कानून-व्यवस्था में बदलाव (CG Raipur Capital Theft) लाने के दावों के बीच इस हाई-प्रोफाइल चोरी ने आमानाका पुलिस की कार्यप्रणाली को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है, क्योंकि इतनी सुरक्षित सोसाइटी में बाहरी अपराधियों का घुसना सुरक्षा गार्डों की भूमिका पर भी बड़ा सस्पेंस खड़ा करता है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
टाटीबंध की ‘पार्थिवी पेसिफिक’ शहर के उद्योगपतियों, डॉक्टरों और बड़े अधिकारियों की पसंदीदा आवासीय कालोनियों में से एक है। दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज चोरी की घटना के बाद पूरी कॉलोनी के रहवासी खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इतनी सुरक्षित और गेटेड कॉलोनी के भीतर मैनेजर का घर सुरक्षित नहीं है, तो आम इलाकों का क्या हाल होगा? घटना की सूचना मिलते ही आमानाका पुलिस की टीम क्राइम ब्रांच के साथ मौके पर पहुंची और डॉग स्क्वॉड व फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मदद से सुराग जुटाने शुरू किए। पुलिस ने सुरक्षा का नया नियम (CG Raipur Capital Theft) लागू करते हुए सोसाइटी के एंट्री-एग्जिट रजिस्टर को ज़ब्त कर लिया है और वहां तैनात सुरक्षा गार्डों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
अब सबसे बड़ा सस्पेंस और पुलिस के सामने चुनौती यह है कि क्या यह काम कॉलोनी के ही किसी भेदी या वहां आने-जाने वाले घरेलू नौकरों, कूरियर बॉय या सफाई कर्मियों का है? पुलिस की स्पेशल टीम कॉलोनी और आसपास के मुख्य मार्गों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है, जिसमें कुछ संदिग्ध बाइक सवार चेहरे नजर आए हैं। बहरहाल, इस बड़ी वारदात ने रायपुर पुलिस के गश्ती दावों की पोल खोल दी है। आने वाले दिन आमानाका पुलिस के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होने वाले हैं, जहां जांच की गति (CG Raipur Capital Theft) यह तय करेगी कि राजधानी की पुलिस इन शातिर चोरों को सलाखों के पीछे भेजकर पीड़ित मैनेजर के जेवरात बरामद कर पाती है, या फिर यह फाइल भी अन्य अनसुलझे मामलों की तरह धूल खाती रहेगी।




