सीजी भास्कर 12 दिसम्बर CG Winter Assembly Session शुरू होने से पहले ही राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। रविवार से आरंभ होने वाले सत्र को लेकर अनुमान है कि विपक्ष किसानों के मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करेगा।
जांजगीर-चांपा से विधायक व्यास कश्यप ने साफ कहा है कि किसान टोकन न मिल पाने की समस्या, धान घरों में फंसने की मजबूरी और खरीदी प्रक्रिया की दिक्कतें—इन सब पर सदन में तेज आवाज़ उठेगी।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्य में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी तो शुरू हो गई है, लेकिन एग्री-स्टेक पोर्टल (Farmer Token Issue) में गड़बड़ियों ने हालात बिगाड़ दिए हैं।
धान खरीदी में लिमिट और टोकन की समस्या, किसानों की बढ़ती परेशानी
कश्यप ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले में बड़ी संख्या में किसान टोकन न कटने की वजह से परेशान हैं। कई किसानों को धान अपने घरों में ढेर कर रखना पड़ रहा है, क्योंकि खरीदी केंद्रों की लिमिट कम होने से उन्हें लगातार तारीखें आगे खिसकानी पड़ रही हैं।
विधायक की मांग है कि खरीदी लिमिट बढ़ाई जाए, ताकि किसान समय से अपनी उपज बेच सकें। उनका कहना है कि यदि सरकार ईमानदारी से समस्या को सुने, तो स्थिति नियंत्रण में लाई जा सकती है।
DMF मद में खरीदी का मसला, कृषि उपकरणों की कीमतों पर उठाए सवाल
सत्र में केवल किसानों के टोकन या धान खरीदी का मुद्दा ही नहीं, बल्कि डीएमएफ मद से कृषि उपकरण खरीद भी बड़ा विवाद बनने की ओर है।
विधायक व्यास कश्यप ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग द्वारा खरीदे गए उपकरणों की कीमतें बाजार से तीन गुना अधिक दर्शाई गईं, और कई सामग्रियां किसानों के काम की भी नहीं थीं। लाखों रुपये खर्च कर सामग्री का वितरण तो कर दिया गया, लेकिन इसकी वास्तविक जरूरत और लाभ दोनो संदिग्ध बताए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस मामले में बिलासपुर कमिश्नर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था, लेकिन जांच की स्थिति आज तक सार्वजनिक नहीं की गई।
सरकार पर तंज—“धान खरीदी में अव्यवस्था, किसानों के रकबे संशोधन में देरी”
कश्यप ने सरकार से सवाल किया कि जब किसानों का रकबा संशोधन एग्री-स्टेक पोर्टल में लंबित है, तो धान खरीदी समय पर कैसे होगी?
उन्होंने राज्य सरकार से यह भी मांग की कि छूटे किसानों का रकबा तत्काल संशोधित कर, उनके पूरे धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए। उनका आरोप है कि प्रशासन की धीमी प्रक्रिया किसानों पर भारी पड़ रही है।
कलेक्टर का दावा—ध्यान रखी जा रही पारदर्शिता, 129 केंद्रों में खरीदी जारी
जिले के कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने दूसरी ओर कहा कि धान खरीदी पूरी तरह पारदर्शी तरीके से चल रही है। 129 खरीदी केंद्रों में लगातार धान की आवक बढ़ रही है और टोकन तुंहर टोकन ऐप तथा पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है।
कलेक्टर ने यह भी बताया कि खरीदी लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, ताकि किसानों को केंद्रों पर अनावश्यक देरी न झेलनी पड़े।
बिचौलियों पर कार्रवाई, 2300 क्विंटल धान की जप्ती
प्रशासन ने दावा किया कि जिले में बिचौलियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अब तक लगभग 2300 क्विंटल धान जब्त किया गया है, जिसमें कई बिचौलिए चिन्हित किए गए हैं।
कलेक्टर का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



