सीजी भास्कर, 12 जनवरी। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (CGRERA Action) ने रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के उल्लंघन के एक गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए रायपुर के दो भूमि स्वामियों पर आर्थिक दंड की कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने गोवर्धन और रामानुज पर बिना वैध रेरा पंजीकरण प्लॉटिंग कर विज्ञापन, प्रचार-प्रसार और विक्रय करने के आरोप में कुल 5 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है।
प्राधिकरण के संज्ञान में यह मामला आने के बाद जांच की गई, जिसमें पाया गया कि दोनों भूमि स्वामी “ओम फार्म, लखोली रेलवे स्टेशन” नाम से प्लॉट विकसित कर रहे थे। इस परियोजना के लिए रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण से किसी भी प्रकार का वैध RERA पंजीकरण प्राप्त नहीं किया गया था, इसके बावजूद प्लॉटिंग कर विज्ञापन और विक्रय की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
CGRERA ने इसे रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 का स्पष्ट उल्लंघन माना है। धारा 3 के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का रेरा पंजीकरण कराए बिना उसके विज्ञापन, प्रचार-प्रसार, बुकिंग या विक्रय के लिए आमंत्रण देना पूरी तरह प्रतिबंधित है। अधिनियम का उद्देश्य आम खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
मामले की विस्तृत जांच, दस्तावेजों की पड़ताल और संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देने के बाद CGRERA ने यह निष्कर्ष निकाला कि दोनों भूमि स्वामियों द्वारा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। इसके बाद प्राधिकरण ने दोनों पर संयुक्त रूप से 5 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
CGRERA ने अपने आदेश (CGRERA Action) में यह भी स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग, विज्ञापन या विक्रय को गंभीर कानूनी अपराध माना जाएगा। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह के मामलों में और भी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्लॉट या रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले उसका RERA पंजीकरण अवश्य जांच लें।


