सीजी भास्कर, 16 सितंबर : कला, संगीत और नृत्य की विविध विधाओं से सजा चक्रधर समारोह (Chakradhar Samaroh 2026) आज शाम रायगढ़ में सांस्कृतिक रंग बिखेरेगा। 41वें चक्रधर समारोह में शाम 4.30 बजे से रात 11.30 बजे तक लोक संगीत, भरतनाट्यम, कथक और छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी।
राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ स्थानीय और प्रदेश के कलाकार भी मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इससे समारोह में शास्त्रीय नृत्य के साथ छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की विविध छटा देखने को मिलेगी।
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लोक संगीत से होगी सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत
चक्रधर समारोह (Chakradhar Samaroh 2026) की शुरुआत शाम 4.30 बजे से जांजगीर के नीलेश जोगी म्यूजिकल ग्रुप के 7 कलाकारों की लोक संगीत प्रस्तुति से होगी। यह कार्यक्रम शाम 6 बजे तक चलेगा। इसके बाद शाम 6 से 6.15 बजे तक रायगढ़ की स्थानीय कलाकार डॉ. दीपिका सरकार भरतनाट्यम की शास्त्रीय प्रस्तुति देंगी।
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कथक की प्रस्तुतियों से सजेगा मंच
शाम 6.15 से 7 बजे तक कथक नृत्य की दो एकल प्रस्तुतियां होंगी। इंदौर की जयात्रा दवे शाम 6.15 से 6.30 बजे तक प्रस्तुति देंगी। इसके बाद रायगढ़ की विभूति शर्मा शाम 6.30 से 7 बजे तक कथक के जरिए दर्शकों को शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों और भाव-सौंदर्य से रूबरू कराएंगी।
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35 कलाकार दिखाएंगे छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की झलक
शाम 7 से 8 बजे तक गरियाबंद के भूपेंद्र साहू और 35 कलाकारों का दल छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य (Chakradhar Samaroh 2026) की रंगारंग प्रस्तुति देगा। पारंपरिक लोकधुनों और नृत्य के जरिए छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपरा और जनजीवन की झलक देखने को मिलेगी। इसके बाद रात 8.10 से 9.10 बजे तक दिल्ली की मऊमाला नायक अपने 5 सदस्यीय दल के साथ कथक की प्रस्तुति देंगी। रात 9.20 से 10.20 बजे तक दिल्ली की नृत्यांगना डॉ. यास्मीन सिंह और 12 कलाकारों का समूह कथक प्रस्तुति (Chakradhar Samaroh 2026) देगा। लय, ताल, भाव और पद-संचालन के समन्वय से सजी यह प्रस्तुति समारोह की प्रमुख प्रस्तुतियों में शामिल होगी।
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लोक कला के रंगों के साथ होगा समापन
रात 10.30 से 11.30 बजे तक दुर्ग की पायल साहू और 35 कलाकारों का दल लोक कला एवं संस्कृति (Chakradhar Samaroh 2026) की प्रस्तुति देगा। विविध लोक विधाओं और पारंपरिक रंगों से सजी इस प्रस्तुति के साथ सांस्कृतिक संध्या का समापन होगा।
16 सितंबर का पूरा कार्यक्रम
- 4.30 से 6 बजे: नीलेश जोगी म्यूजिकल ग्रुप, जांजगीर लोक संगीत
- 6 से 6.15 बजे: डॉ. दीपिका सरकार, रायगढ़ भरतनाट्यम
- 6.15 से 6.30 बजे: जयात्रा दवे, इंदौर कथक
- 6.30 से 7 बजे: विभूति शर्मा, रायगढ़ कथक
- 7 से 8 बजे: भूपेंद्र साहू एवं 35 कलाकार, गरियाबंद छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य
- 8.10 से 9.10 बजे: मऊमाला नायक एवं 5 सदस्यीय दल, दिल्ली कथक
- 9.20 से 10.20 बजे: डॉ. यास्मीन सिंह एवं 12 कलाकार, दिल्ली सामूहिक कथक
- 10.30 से 11.30 बजे: पायल साहू एवं 35 कलाकार, दुर्ग लोक कला एवं संस्कृति
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