सीजी भास्कर, 21 अगस्त : उत्तराखंड के चमोली जिले में हुए दर्दनाक टनल हादसे (Chamoli Tunnel Accident) में छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के चार मजदूरों की मौत हो गई। हादसे में कुल 10 श्रमिकों की जान गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायल श्रमिकों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
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कोंडागांव के चार मजदूरों की मौत
चमोली टनल हादसे (Chamoli Tunnel Accident) में कोंडागांव जिले के ग्राम धनसुली के दो मजदूरों की मौत हुई है। इसके अलावा ग्राम मदनार के एक और दहीकोंगा के एक श्रमिक ने भी जान गंवाई। हादसे की खबर सामने आने के बाद मृतकों के गांवों में मातम पसर गया। पार्थिव शरीर कोंडागांव लाए गए, जहां परिजनों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
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दो श्रमिक घायल
हादसे में कोंडागांव जिले के दो अन्य श्रमिक घायल हुए हैं। दोनों का इलाज कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है और पीड़ितों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
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13 अगस्त की शाम हुआ था हादसा
यह दर्दनाक घटना उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन मायापुर-पीपलकोटी टनल में हुई। जानकारी के मुताबिक 13 अगस्त की शाम करीब 6:30 बजे टनल के अंदर भारी भूस्खलन हुआ। इसके साथ ही पहाड़ी से पानी का रिसाव भी शुरू हो गया। अचानक हुए भूस्खलन और पानी के तेज रिसाव के कारण टनल के अंदर काम कर रहे 22 श्रमिक फंस गए।
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12 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया
हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा। बचाव टीम ने लगातार प्रयास कर 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। हालांकि, टनल के अंदर फंसे अन्य श्रमिकों को निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। मलबे, पानी के रिसाव और मशीनरी के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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117 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने करीब 117 घंटे तक लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। बचाव दल ने कठिन परिस्थितियों में टनल के अंदर फंसे श्रमिकों तक पहुंचने का प्रयास किया। अभियान के दौरान टनल में फंसी मशीनों को भी बाहर निकाला गया, ताकि बचाव कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।
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10 मजदूरों के शव बरामद
रेस्क्यू ऑपरेशन के पहले दिन चार श्रमिकों के शव बरामद किए गए। इसके बाद अगले दिन तीन और शव मिले। 15 अगस्त को एक और श्रमिक का शव बरामद हुआ, जबकि 16 अगस्त को दो और शव निकाले गए। इस तरह हादसे में कुल 10 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई। इनमें छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के चार श्रमिक शामिल हैं।
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CM साय ने किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुआवजे की घोषणा (Chhattisgarh Govt Assistance) करते हुए मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। वहीं घायल श्रमिकों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
Chamoli Tunnel Accident ने एक बार फिर निर्माणाधीन सुरंगों में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल राज्य सरकार की ओर से मृतक और घायल श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।




