सीजी भास्कर, 4 सितंबर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अधीन राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (एनएएआरएम), हैदराबाद के स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ की प्रगतिशील महिला किसान लेकेश जैन को प्रतिष्ठित ‘सर्वश्रेष्ठ किसान पुरस्कार-2025’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें 1 सितम्बर 2025 को आयोजित भव्य समारोह में एनएएआरएम स्थित डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन सभागार में प्रदान किया गया।
उत्तर बस्तर कांकेर जिले के ग्राम थानाबोडी निवासी लेकेश जैन, जिन्हें आमतौर पर ‘लेकेश बाई’ के नाम से भी जाना जाता है, को यह सम्मान उनके द्वारा 17 एकड़ क्षेत्र में स्थापित एकीकृत कृषि प्रणाली (इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम) में उल्लेखनीय सफलता के लिए दिया गया। इस प्रणाली में उन्होंने सब्जी उत्पादन, डेयरी, बकरी पालन, मछली-बत्तख तालाब और चारा उत्पादन को सफलतापूर्वक एकीकृत कर लगभग 10 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय का मॉडल विकसित किया है। यह मॉडल कांकेर कृषि विज्ञान केंद्र और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सहयोग से न सिर्फ़ (Chhattisgarh Best Farmer Award)आर्थिक रूप से लाभकारी सिद्ध हुआ है, बल्कि आदिवासी किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना है।
इस कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड (एएसआरबी), नई दिल्ली डॉ. गुरबचन सिंह मुख्य अतिथि रहे। विशिष्ट अतिथियों में नाबार्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी की अनुसंधान सलाहकार समिति (आरएसी) के अध्यक्ष डॉ. गोविन्दराजुलु चिंतला; प्रो. एम. गनना प्रकाश, कुलपति, प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य पशुचिकित्सा विश्वविद्यालय, हैदराबाद; तथा आईसीएआर, नई दिल्ली की अतिरिक्त महानिदेशक (मानव संसाधन विकास) डॉ. सीमा जग्गी शामिल(Chhattisgarh Best Farmer Award) थीं। समारोह की अध्यक्षता एनएएआरएम, हैदराबाद के कार्यवाहक निदेशक डॉ. गोपाल लाल ने की।
जैन को इस पुरस्कार के लिए आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (एनआईएसएमए), रायपुर द्वारा नामांकित किया गया था। यह पहल छत्तीसगढ़ में चल रही आईसीएआर-राष्ट्रीय कृषि विज्ञान कोष (एनएएसएफ) परियोजना के अंतर्गत की गई है, जिसका नेतृत्व संस्थान के निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार राय कर रहे हैं। इस परियोजना में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी. मूवेंथन सहयोगी केंद्र के प्रमुख अन्वेषक (सीसीपीआई) हैं।
गौरतलब है कि लेकेश जैन को इससे पूर्व वर्ष 2018 में भारत सरकार द्वारा ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय कृषि पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।



