सीजी भास्कर, 18 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों के बीच परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर विवाद सामने आया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) के परीक्षा केंद्रों में बदलाव संबंधी फैसले पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। शिक्षक संघ का कहना है कि नई व्यवस्था से कई विद्यार्थियों को अपने स्कूल के बजाय दूसरे स्कूलों में परीक्षा देने जाना पड़ सकता है। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को परेशानी होने की आशंका है। संघ ने कुछ विद्यार्थियों को पहले की तुलना में 5 से 8 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ने की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा केंद्रों में बदलाव (Chhattisgarh Board Exam Centre) को लेकर शिक्षक संघ ने विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा का मुद्दा उठाया है।
परीक्षा केंद्रों में बदलाव से बढ़ सकती है परेशानी
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के मुताबिक, परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में प्रस्तावित बदलाव विद्यार्थियों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। जिन छात्रों को अब तक अपने स्कूल या नजदीकी केंद्र में परीक्षा देने की सुविधा मिलती थी, उन्हें दूसरे स्कूलों तक जाना पड़ सकता है। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचना जरूरी होता है। ऐसे में दूरी बढ़ने पर उन्हें घर से पहले निकलना पड़ सकता है। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बोर्ड परीक्षा केंद्रों की दूरी (Chhattisgarh Board Exam Centre) बढ़ने की आशंका के कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों को परिवहन की व्यवस्था पहले से करनी पड़ सकती है।
5 से 8 किलोमीटर दूर हो सकते हैं परीक्षा केंद्र
शिक्षक संघ ने आशंका जताई है कि नई व्यवस्था लागू होने पर कुछ विद्यार्थियों के परीक्षा केंद्र मौजूदा केंद्रों से करीब 5 से 8 किलोमीटर दूर हो सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सीमित सुविधा के कारण छात्रों और उनके अभिभावकों को अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ सकते हैं। इसके अलावा, परीक्षा के दिनों में रोजाना आने-जाने का खर्च भी परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा सकता है। संघ का कहना है कि परीक्षा केंद्र निर्धारण (Chhattisgarh Board Exam Centre) के दौरान विद्यार्थियों की वास्तविक परिस्थितियों, उनके निवास स्थान और परिवहन सुविधाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इससे छात्रों को परीक्षा के दिनों में अनावश्यक परेशानी से बचाने में मदद मिल सकती है।
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छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठा
परीक्षा केंद्रों की दूरी बढ़ने की आशंका के बीच शिक्षक संघ ने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। दूर स्थित केंद्रों तक पहुंचने और परीक्षा समाप्त होने के बाद घर लौटने में छात्राओं को परिवहन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की सीमित उपलब्धता के कारण अभिभावकों की चिंता भी बढ़ सकती है। शिक्षक संगठन का कहना है कि परीक्षा केंद्र तय करते समय छात्राओं की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। छात्राओं के लिए सुरक्षित परीक्षा केंद्र (Chhattisgarh Board Exam Centre) उपलब्ध कराने और आने-जाने की समस्याओं को ध्यान में रखने की जरूरत पर भी संघ ने जोर दिया है।
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फैसले पर पुनर्विचार की मांग
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने परीक्षा केंद्रों में बदलाव संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करने और विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखकर केंद्र निर्धारित करने की मांग की है। संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। शिक्षक संगठन चाहता है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे विद्यार्थियों को अनावश्यक रूप से दूर स्थित परीक्षा केंद्रों तक न जाना पड़े। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं के लिए परिवहन और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा केंद्रों के फैसले (Chhattisgarh Board Exam Centre) पर पुनर्विचार की मांग का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सुविधाजनक और सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
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माशिमं के अगले कदम पर नजर
बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर उठे विवाद के बाद अब छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर नजर रहेगी। शिक्षक संघ ने विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा का हवाला देते हुए फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मुद्दे पर माशिमं की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना होगा कि शिक्षक संघ की आपत्तियों के बाद परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में कोई बदलाव किया जाता है या नहीं।



