सीजी भास्कर, 18 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में कुपोषण मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अनूठी पहल शुरू की गई है। अब जिले में आयोजित होने वाले विभागीय कार्यक्रमों में अतिथियों का स्वागत पारंपरिक पुष्पगुच्छ के बजाय मुनगा यानी सहजन के पौधे से किया जाएगा। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत संचालित हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान (Dhamtari Munga Plant Campaign) को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

इस पहल से पौधारोपण को प्रोत्साहन मिलने के साथ परिवारों तक पोषण का संदेश पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य स्वागत की परंपरा को पर्यावरण और पोषण से जोड़ना है। अतिथियों को मुनगा का पौधा भेंट करने से पौधों को घरों और आंगनों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करने और पोषणयुक्त परिवारों के निर्माण में सामूहिक भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
पौधारोपण की डिजिटल निगरानी
अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला स्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुनगा के पौधों के रोपण, ऑनलाइन प्रविष्टि, भौतिक सत्यापन और उनके पोषण संबंधी महत्व की जानकारी दी गई। अभियान में पारदर्शिता बनाए रखने और सटीक आंकड़े तैयार करने के लिए तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए गए कि संबंधित कार्यकर्ताओं के माध्यम से लगाए गए प्रत्येक मुनगा पौधे की जानकारी मुनगा ट्रैकर ऐप (Munga Tracker App) पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराई जाए। साथ ही, ऐप पर दर्ज जानकारी का समय-समय पर सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए।
इस डिजिटल निगरानी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पौधारोपण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि घरों तक मुनगा के पौधे पहुंचें और उनका नियमित उपयोग भी हो। इसके माध्यम से पौधों की जानकारी दर्ज करने और अभियान की प्रगति पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
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मुनगा की पत्तियां और फलियां पोषक तत्वों से भरपूर
मुनगा यानी सहजन को पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ माना जाता है। इसकी पत्तियों, भाजी और फलियों का उपयोग भोजन में किया जाता है। मुनगा की हरी पत्तियों में विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। इसकी फलियों से सब्जी, दाल और कई पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं।
बढ़ते बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के आहार में मुनगा शामिल करने से भोजन में पोषक तत्वों की विविधता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कुपोषण से बचाव के लिए केवल मुनगा पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ दाल, अनाज, मौसमी फल-सब्जियां और दूध जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों का संतुलित सेवन भी जरूरी है।
अभियान के तहत मुनगा पौधारोपण अभियान (Munga Plantation Campaign) को बढ़ावा देकर परिवारों को अपने घरों और आंगनों में पोषण वाटिका विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पौधे की देखभाल और उसकी पत्तियों व फलियों को भोजन में शामिल करने के प्रति जागरूकता बढ़ने से परिवारों को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
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पोषण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
विभागीय कार्यक्रमों में अतिथियों को मुनगा का पौधा भेंट किए जाने से यह पहल लोगों तक सीधे पहुंचेगी। पौधे घरों में लगाए जाएंगे, जिससे हरियाली बढ़ाने और परिवारों में पोषण के प्रति जागरूकता पैदा करने का अवसर मिलेगा। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से धमतरी में हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान (Har Ghar Munga Abhiyan) को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
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इसका उद्देश्य पौधारोपण को दैनिक जीवन से जोड़ना और लोगों को पौधों की देखभाल तथा उनके उपयोग के लिए प्रेरित करना है। धमतरी की यह पहल संदेश देती है कि स्वागत में दिया गया एक पौधा पर्यावरण संरक्षण के साथ पोषण के प्रति जागरूकता का माध्यम भी बन सकता है। धमतरी पोषण अभियान (Dhamtari Nutrition Campaign) के जरिए घर-घर मुनगा पहुंचाने की कोशिश परिवारों को पौष्टिक आहार के महत्व से जोड़ने और कुपोषण के खिलाफ सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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