सीजी भास्कर, 29 जून। राजधानी में आज शिक्षा और साहित्य से जुड़े लोगों के बीच एक खास आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल (Chhattisgarh Education) है। बाल साहित्य को नई पहचान देने की दिशा में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर शिक्षक, साहित्यकार और शिक्षा जगत से जुड़े लोग बड़ी संख्या में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। आयोजन को लेकर शहर में पहले से ही चर्चा बनी हुई है।
यह कार्यक्रम केवल एक पुस्तक के विमोचन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बच्चों के लिए रचनात्मक लेखन करने वाले शिक्षकों और साहित्यकारों के सामूहिक प्रयास का भी सम्मान करेगा। आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे।
आज होगा काव्य संग्रह का विमोचन Chhattisgarh Education
राजधानी रायपुर के वृंदावन हॉल में 29 जून को साझा बाल काव्य संग्रह मोर अंगना के शोर का विमोचन और सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का संचालन हमर चिन्हारी साहित्य समिति छत्तीसगढ़ और साहित्य लेखन रिसोर्स शिक्षक परिवार की ओर से किया जा रहा है।
25 जिलों के शिक्षकों का सामूहिक प्रयास
इस काव्य संग्रह को छत्तीसगढ़ के 25 जिलों के 50 से अधिक नवाचारी शिक्षक साहित्यकारों ने मिलकर तैयार किया है। संग्रह में 121 बाल कविताओं को स्थान दिया गया है, जिन्हें विशेष रूप से बालवाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को ध्यान में रखकर लिखा गया है।
कई अतिथि होंगे शामिल
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, गजेन्द्र यादव, टंकराम वर्मा और गुरु खुशवंत साहेब सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल (Chhattisgarh Education) होंगे। इसके अलावा शिक्षा विभाग के अधिकारी, साहित्यकार, शिक्षक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगी।
बाल साहित्य को मिलेगा नया मंच
आयोजकों का मानना है कि यह काव्य संग्रह बच्चों में पढ़ने और सीखने की रुचि बढ़ाने के साथ साथ स्थानीय भाषा और संस्कृति को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। कार्यक्रम के जरिए बाल साहित्य को प्रोत्साहन देने और नवाचारी शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने का भी उद्देश्य रखा गया है।



