सीजी भास्कर, 20 नवंबर। छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता (Chhattisgarh IPHL Certification) के क्षेत्र में एक साथ दो बड़े उपलब्धियां हासिल कर इतिहास रच दिया है। जिला अस्पताल पंडरी रायपुर और जिला अस्पताल बलौदाबाजार की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (IPHL) को भारत सरकार के नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) के तहत राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इनमें पंडरी IPHL देश की पहली और बलौदाबाजार IPHL देश की दूसरी प्रमाणित लैब बनी है।
- जनवरी 2024 से अब तक 832 स्वास्थ्य संस्थान मूल्यांकित
- विशेषज्ञ टीमों ने किया विस्तृत मूल्यांकन
- एक ही छत के नीचे सभी जांचें
- राष्ट्रीय गाइडलाइन में शामिल हुआ छत्तीसगढ़ मॉडल
- स्वास्थ्य गुणवत्ता सुधार की दिशा में बड़ा कदम
- मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई
- Chhattisgarh IPHL Certification स्वास्थ्य सेवा सुधार में छत्तीसगढ़ बना राष्ट्रीय मॉडल
जनवरी 2024 से अब तक 832 स्वास्थ्य संस्थान मूल्यांकित
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं (Chhattisgarh IPHL Certification) को मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच राज्य की 832 स्वास्थ्य इकाइयों का राष्ट्रीय मानकों के अनुसार मूल्यांकन और प्रमाणीकरण किया गया है। इनमें दंतेवाड़ा के दूरस्थ क्षेत्र चिंतागुफा जैसे दुर्गम इलाकों के स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल हैं। किसी भी राज्य में इतनी बड़ी संख्या में लैब्स के मूल्यांकन का यह पहला उदाहरण है, जिसने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई है।
विशेषज्ञ टीमों ने किया विस्तृत मूल्यांकन
भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नामित मूल्यांकनकर्ताओं की टीमों ने दोनों लैब्स का गहन निरीक्षण किया। पंडरी IPHL का मूल्यांकन 10 सितंबर 2025 को, बलौदाबाजार IPHL का मूल्यांकन 11 सितंबर 2025 को किया गया। मूल्यांकन में प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली, मरीज केंद्रित सेवाएं, सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण एवं समयबद्ध रिपोर्टिंग को परखा गया। पंडरी IPHL को 90% तथा बलौदाबाजार IPHL को 88% अंक प्राप्त हुए, जो NQAS के उत्कृष्ट श्रेणी के मानक हैं।
एक ही छत के नीचे सभी जांचें
IPHL का उद्देश्य मरीजों को एक ही स्थान पर पैथोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित जांच सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इससे मरीजों को निजी लैब की महंगी जांचों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और रिपोर्ट की सटीकता व गति दोनों सुनिश्चित होती हैं। पंडरी IPHL में प्रतिदिन 3,000 से अधिक जांचें और 120 से अधिक टेस्ट उपलब्ध हैं। यह लैब ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर पूरे जिले से आने वाले सैंपलों की भी जांच करती है। बलौदाबाजार लैब में प्रतिदिन 1,000–1,200 जांचें की जाती हैं और 100 से अधिक प्रकार के टेस्ट उपलब्ध हैं।
राष्ट्रीय गाइडलाइन में शामिल हुआ छत्तीसगढ़ मॉडल
पंडरी रायपुर IPHL को भारत सरकार पहले भी कई अवसरों पर सराह चुकी है। देश के 13 राज्यों की टीमें इसका निरीक्षण कर चुकी हैं। इतना ही नहीं, भारत सरकार की IPHL गाइडलाइन के कवर पर रायपुर IPHL की तस्वीर भी प्रकाशित की गई है, जो इसकी उत्कृष्टता का प्रमाण है।
स्वास्थ्य गुणवत्ता सुधार की दिशा में बड़ा कदम
NQAS के तहत संस्थानों को साफ-सफाई, सुरक्षा, रिकॉर्ड प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, उपकरण कैलिब्रेशन और स्टाफ प्रशिक्षण जैसे कठोर मानकों का पालन करना होता है। दोनों लैब्स ने इन सभी मानकों पर उच्च प्रदर्शन करते हुए प्रमाणन हासिल किया है।
आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली और टीमों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों में केवल प्रमाणन ही नहीं बल्कि स्थायी गुणवत्ता सुधार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दोनों जिला अस्पतालों की IPHL टीमों को बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि IPHL मॉडल ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में समय पर जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य के अन्य जिलों को भी इसी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
Chhattisgarh IPHL Certification स्वास्थ्य सेवा सुधार में छत्तीसगढ़ बना राष्ट्रीय मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि केवल प्रमाणन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र में वैज्ञानिक सुधार, तकनीकी मज़बूती और लोगों के प्रति समर्पण का प्रमाण है। IPHL मॉडल के विस्तार से लाखों मरीजों को तेज, किफायती और विश्वसनीय जांच सेवाओं का लाभ मिलेगा।



