सीजी भास्कर, 22 जून : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े एक बेहद खतरनाक संदिग्ध नेटवर्क (Chhattisgarh ISI Connection Janjgir) का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से पाकिस्तानी और अन्य विदेशी नंबरों से चैट और कॉल के रिकॉर्ड मिले हैं। यह सनसनीखेज गिरफ्तारी 21 जून को अकलतरा थाना क्षेत्र में चलाए जा रहे किरायेदार सत्यापन (Tenant Verification) अभियान के दौरान हुई। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सेवक सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब के तरन तारण जिले के पट्टी इलाके का रहने वाला है।
मोबाइल खंगाला तो उड़े होश
जांजगीर-चांपा एसपी विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर जिले में संदिग्ध और आपराधिक तत्वों के खिलाफ लगातार धरपकड़ की कार्रवाई की जा रही है। इसी बीच अकलतरा पुलिस को सूचना मिली थी कि मिनीमाता चौक स्थित एक मकान में बाहरी राज्य के कुछ लोग बिना स्थानीय जानकारी के किराए पर रह रहे हैं। जब पुलिस की टीम वहां किरायेदारों का वेरिफिकेशन करने पहुंची, तो सेवक सिंह नामक शख्स की गतिविधियां बेहद संदिग्ध लगीं।
पूछताछ में उसने खुद को भारत-पाकिस्तान सीमा के पास (पंजाब) का रहने वाला बताया, लेकिन उसके गोलमोल जवाबों से पुलिस संतुष्ट नहीं हुई। शक गहराने पर जब पुलिस ने उसका मोबाइल फोन चेक किया, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। मोबाइल में पाकिस्तान, सऊदी अरब और कई अन्य विदेशी नंबरों से सीधे संपर्क होने के पुख्ता सबूत मिले, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
संवेदनशील जानकारियां भेजने का आरोप
शुरुआती पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी सेवक सिंह पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान में बैठे आईएसआई समर्थित हैंडलर्स और संदिग्ध लोगों के लगातार संपर्क में था। वह व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी नंबरों पर बात करता था। पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने छत्तीसगढ़ के कुछ बेहद महत्वपूर्ण व्यक्तियों (वीआईपी), संवेदनशील प्रतिष्ठानों, लोकेशंस, सुरक्षा वाहनों के नंबर और उनके फोटो-वीडियो पाकिस्तानी एजेंसी के साथ साझा किए हैं।
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल को पूरी तरह जब्त कर लिया है। मोबाइल से मिले व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉल के रिकॉर्ड और कॉल रिकॉर्डिंग को और अधिक खंगालने तथा डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने के लिए फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
ड्रोन से हथियार मंगाकर टारगेट किलिंग की थी तैयारी
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि आरोपी सेवक सिंह को सीमा पार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार सप्लाई होने वाले थे। पंजाब बॉर्डर के रास्ते हथियार मिलने के बाद, उसे पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर किसी खास व्यक्ति या संवेदनशील जगह को निशाना बनाने (टार्गेट किलिंग/हमला) का टास्क दिया जाना था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस इनपुट की अभी गहराई से जांच की जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी। फिलहाल, अकलतरा थाना पुलिस ने आरोपी सेवक सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और 61(2) के तहत देश विरोधी गतिविधियों का मामला दर्ज कर लिया है और खुफिया एजेंसियां भी उससे पूछताछ में जुट गई हैं।





