सीजी भास्कर, 2 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आज अहम सुनवाई (Chhattisgarh Liquor Scam) पूरी हो गई। Enforcement Directorate की विशेष अदालत में कुल 59 आरोपियों को पेश किया गया, जहां सभी की मौजूदगी में विस्तृत सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में अदालत के अंतिम निर्णय पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
सभी आरोपियों के बयान दर्ज, कई बड़े नाम शामिल
सुनवाई के दौरान अदालत ने धारा 88 के तहत सभी आरोपियों के बयान दर्ज किए। इस प्रक्रिया में पूर्व आबकारी मंत्री Kawasi Lakhma भी कोर्ट में उपस्थित रहे। उनके अलावा Chaitanya Baghel, सौम्या चौरसिया और निरंजन दास समेत आबकारी विभाग से जुड़े कई अधिकारी भी पेश हुए। मामले में कई प्रभावशाली नाम सामने आने के कारण यह केस राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
3200 करोड़ से ज्यादा के कथित घोटाले का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला हजारों करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा है। Enforcement Directorate ने एसीबी में दर्ज एफआईआर के आधार पर 3200 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताओं (Chhattisgarh Liquor Scam) का जिक्र किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि कथित घोटाले को एक संगठित नेटवर्क के जरिए अंजाम दिया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और कारोबारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
तीन हिस्सों में हुई कथित गड़बड़ी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे मामले को तीन अलग-अलग हिस्सों में अंजाम दिया गया। इसमें शराब कारोबार से जुड़ी प्रक्रियाओं में हेरफेर, अवैध वसूली और सप्लाई सिस्टम में गड़बड़ी जैसी बातें शामिल हैं। इस केस में आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर जैसे नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका को लेकर जांच जारी है।
फैसले पर टिकी सबकी नजरें
सुनवाई पूरी होने के बाद अब कोर्ट के फैसले का इंतजार (Chhattisgarh Liquor Scam) है। माना जा रहा है कि अदालत जल्द ही अपना निर्णय सुना सकती है, जो इस बहुचर्चित मामले में अहम मोड़ साबित होगा।


