सीजी भास्कर, 20 अगस्त : कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में युवाओं, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। पेपर लीक, बेरोजगारी, E20 पेट्रोल, कृषि और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। पार्टी ने इन मुद्दों को छत्तीसगढ़ के युवाओं और किसानों से भी जोड़ते हुए अपनी चिंता जाहिर की।
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CWC बैठक में छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
नई दिल्ली के इंदिरा भवन में 19 अगस्त को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर कई अहम विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में पेपर लीक, बेरोजगारी, E20 पेट्रोल, कृषि, ऊर्जा सुरक्षा, अयोध्या चंदा और चीन सीमा जैसे मुद्दे उठाए गए।
छत्तीसगढ़ के लिहाज से पेपर लीक और बेरोजगारी का मुद्दा युवाओं से सीधे जुड़ा है। वहीं E20 पेट्रोल, कृषि और ऊर्जा सुरक्षा का असर किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ने की बात कांग्रेस ने रखी।
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पेपर लीक और बेरोजगारी पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने पेपर लीक और बेरोजगारी को गंभीर समस्या बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी से उन युवाओं को सबसे ज्यादा नुकसान होता है, जो सरकारी नौकरी की तैयारी में वर्षों लगा देते हैं।
Chhattisgarh News (छत्तीसगढ़ न्यूज) के संदर्भ में कांग्रेस ने PSC, व्यापमं और दूसरी भर्ती परीक्षाओं को लेकर सामने आए विवादों का भी उल्लेख किया। पार्टी ने शिक्षा व्यवस्था में निजीकरण और केंद्रीकरण का विरोध करते हुए युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे में प्रमुखता देने की बात कही।
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E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र पर सवाल
CWC की बैठक में E20 पेट्रोल का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कांग्रेस ने इसके इस्तेमाल से माइलेज, पुराने वाहनों की अनुकूलता और उपभोक्ताओं के सामने मौजूद विकल्पों को लेकर सवाल उठाए।
कांग्रेस ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में ईंधन नीति का असर केवल शहरों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर, कृषि मशीनरी और परिवहन के लिए ईंधन का बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में ईंधन की कीमत और वाहनों की दक्षता किसानों की लागत को प्रभावित कर सकती है। पार्टी ने गन्ने और मक्के जैसी फसलों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस ने खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण पर संभावित असर को लेकर चिंता जाहिर की।
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कृषि और ऊर्जा सुरक्षा पर भी मंथन
बैठक में कृषि और ऊर्जा सुरक्षा को भी अहम मुद्दा बनाया गया। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर कृषि और ऊर्जा से जुड़े हितों के साथ समझौता करने का आरोप लगाया। कृषि का मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रदेश की बड़ी आबादी खेती और इससे जुड़े रोजगार पर निर्भर है। कांग्रेस ने किसानों की आय, फसल की मांग, बाजार, बिक्री और उत्पादन लागत को ध्यान में रखकर नीतियां बनाने की जरूरत बताई।
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अयोध्या चंदा और चीन सीमा का मुद्दा भी उठा
CWC बैठक में अयोध्या से जुड़े चंदे और चीन सीमा के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा। पार्टी ने इन मामलों में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग रखी। कांग्रेस ने चीन सीमा के मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए। वहीं अयोध्या चंदे से जुड़े मुद्दे पर भी पार्टी ने अपनी चिंताएं सामने रखीं।
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महिला आरक्षण पर भी कांग्रेस की मांग
बैठक में महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने अपनी मांग दोहराई। पार्टी ने 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला आरक्षण को जल्द लागू किया जाना चाहिए। पार्टी ने लोकसभा सीटों के राज्योंवार मौजूदा आवंटन पर संवैधानिक रोक को अगले 25 वर्षों तक जारी रखने की मांग भी रखी। कांग्रेस का तर्क है कि परिसीमन से जुड़े बदलावों में राज्यों के हित और प्रतिनिधित्व के संतुलन का ध्यान रखा जाना चाहिए।
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छत्तीसगढ़ के मुद्दों को मिला राष्ट्रीय मंच
कुल मिलाकर CWC की बैठक में उठाए गए कई मुद्दे छत्तीसगढ़ के युवाओं और किसानों से जुड़े नजर आए। पेपर लीक और बेरोजगारी युवाओं की चिंता से जुड़े हैं, जबकि E20 पेट्रोल, कृषि और ऊर्जा सुरक्षा ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दे हैं। कांग्रेस ने इन मुद्दों को प्रदेश की राजनीति से जोड़ने की कोशिश की है। अब इन मुद्दों को कांग्रेस छत्तीसगढ़ में किस तरह आगे ले जाती है और भाजपा की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी।
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