सीजी भास्कर, 19 जून : छत्तीसगढ़ की कृषि नीतियां और धान खरीदी (Chhattisgarh Paddy Procurement Model) व्यवस्था अब दूसरे राज्यों के लिए भी अध्ययन का विषय बन रही हैं। इसी क्रम में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य मुलाकात कर Chhattisgarh Paddy Procurement Model सहित किसानों के हित में संचालित योजनाओं और कृषि विकास की रणनीतियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अतिथियों को बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति का प्रतीक बस्तर आर्ट स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
141 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी बना आकर्षण का केंद्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष के दौरान लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश के सबसे बड़े धान खरीदी अभियानों में शामिल है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में करीब 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से धान खरीदी की जाती है।
उन्होंने कहा कि पंजीयन, तौल, परिवहन और भुगतान जैसी प्रक्रियाओं को तकनीक आधारित बनाया गया है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कर किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है।
कृषक उन्नति योजना सहित कई योजनाओं की दी जानकारी
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को कृषक उन्नति योजना सहित राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है।
महाराष्ट्र के विधायकों ने की मॉडल की सराहना
महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने चर्चा के दौरान बताया कि छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि Chhattisgarh Paddy Procurement Model किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने और खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने का सफल उदाहरण है।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, प्रशासनिक प्रबंधन और किसानों को मिलने वाला समर्थन अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय है। उन्होंने इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी इसी तरह के प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच सफल मॉडलों और अनुभवों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे अध्ययन भ्रमण राज्यों को एक-दूसरे की सफल पहलों से सीखने और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने का अवसर प्रदान करते हैं।





