सीजी भास्कर, 31 अक्टूबर। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की समृद्ध शिल्पकला, संस्कृति और पर्यटन की झलक देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भारत पर्व का शुभारंभ करने के बाद छत्तीसगढ़ के स्टाल का अवलोकन किया। उन्होंने नारायणपुर और बस्तर के शिल्पकारों से आत्मीय बातचीत की और उनकी कला व हुनर की सराहना की। इस दौरान प्रदेश की पारंपरिक कला (Chhattisgarh Tourism) और सांस्कृतिक विरासत ने प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
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बस्तरिया रेला की प्रस्तुति से किया स्वागत
प्रधानमंत्री ने स्टाल पर बांस शिल्प और अन्य लोकशिल्प तैयार कर रहे कलाकारों से बातचीत की। उन्होंने शिल्प निर्माण की प्रक्रिया और कलाकारों के हुनर के बारे में जानकारी ली। इस दौरान बस्तर के कलाकारों ने बस्तरिया रेला की प्रस्तुति देकर उनका स्वागत किया।
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डोकरा, कोसा और बांस शिल्प का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की डॉ. सुभदा चतुर्वेदी ने बताया कि 15 दिनों तक चलने वाले भारत पर्व में पर्यटन मंडल की ओर से विशेष स्टाल लगाया गया है। इसमें प्रदेश की पारंपरिक हस्तशिल्प कला और पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित किया गया है। स्टाल में डोकरा शिल्प, लौह शिल्प, कोसा साड़ियों और बांस शिल्प को जगह दी गई है। इन कलाओं के माध्यम से आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान (Chhattisgarh Tourism) से परिचित कराया जा रहा है।
पर्यटन स्थलों की भी दी जा रही जानकारी
स्टाल में चंपारण और चित्रकोट सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों तथा पर्यटन रिसॉर्ट की जानकारी भी प्रस्तुत की गई है। यहां आने वाले लोगों को प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन की संभावनाओं के बारे में बताया जा रहा है। भारत पर्व के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन (Chhattisgarh Tourism) और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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