सीजी भास्कर, 16 जून : प्रदेश में वाहनों के लिए पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया गया है (PUC Certificate Rule)। अब पीयूसी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए वाहन के पंजीयन के समय दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। बिना ओटीपी सत्यापन के किसी भी वाहन को पीयूसी प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन वाहन मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जिनके वाहन रिकॉर्ड में पुराना, गलत या बंद मोबाइल नंबर दर्ज है। ऐसे लोगों को पहले अपने मोबाइल नंबर अपडेट कराने होंगे।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लागू किया गया नया सिस्टम
परिवहन विभाग के अनुसार पीयूसी सर्टिफिकेट जारी करने में लापरवाही और फर्जीवाड़े की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई मामलों में एक ही मोबाइल नंबर और वाहन के लिए एक से अधिक प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए थे।
नई व्यवस्था के तहत वाहन मालिक की पहचान मोबाइल नंबर के जरिए सत्यापित की जाएगी। इससे किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गलत जानकारी देकर पीयूसी बनवाने की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
मोबाइल नंबर अपडेट कराने की सुविधा
जिन वाहन मालिकों के मोबाइल नंबर बदल गए हैं या बंद हो चुके हैं, वे परिवहन विभाग की वेबसाइट अथवा निर्धारित केंद्रों के माध्यम से अपना मोबाइल नंबर अपडेट करा सकते हैं।
परिवहन विभाग ऐसी व्यवस्था भी तैयार कर रहा है, जिसके तहत पीयूसी सर्टिफिकेट की वैधता समाप्त होने से पहले वाहन मालिकों को एसएमएस के जरिए सूचना भेजी जाएगी, ताकि वे समय रहते उसका नवीनीकरण करा सकें।
पीयूसी नहीं होने पर देना पड़ सकता है भारी जुर्माना
नियमों के अनुसार पीयूसी प्रमाण पत्र नहीं होने पर बाइक, कार और मालवाहक वाहनों पर अलग-अलग जुर्माना लगाया जाता है। यह जुर्माना एक हजार रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक हो सकता है। गंभीर मामलों में सजा और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। परिवहन विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था से पीयूसी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और प्रदूषण मानकों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।





