सीजी भास्कर, 11 जून। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं, लेकिन भाजपा ने अभी से अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी जिन 36 सीटों पर पराजित हुई थी, उन क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने और जीत सुनिश्चित करने के लिए विशेष रणनीति लागू की गई है। इसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक प्रभारी नियुक्त किया गया है। (BJP Mission 2028 Chhattisgarh)
हारी हुई सीटों पर विशेष फोकस : BJP Mission 2028 Chhattisgarh
भाजपा ने जिन 36 सीटों पर पिछला चुनाव गंवाया था, वहां निगम, मंडल और आयोगों के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्षों को प्रभारी बनाकर जिम्मेदारी सौंपी है। इन प्रभारियों को हर महीने कम से कम सात दिन संबंधित विधानसभा क्षेत्र में बिताने के निर्देश दिए गए हैं। उनका लक्ष्य बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनावों के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाना है।
पार्टी संगठन ने जिला अध्यक्षों से लेकर बूथ प्रभारियों तक यह स्पष्ट संदेश दिया है कि नियुक्त प्रभारियों के निर्देशों का पालन किया जाए। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, चुनाव से ढाई वर्ष पहले इस तरह की व्यापक जिम्मेदारी सौंपने की पहल राज्य की राजनीति में पहली बार देखने को मिल रही है।
बूथ स्तर पर बनाई जा रही रणनीति
भाजपा ने विधानसभा क्षेत्रों के बूथों को तीन श्रेणियों—रेड, येलो और ग्रीन जोन—में विभाजित किया है। रेड जोन में वे बूथ शामिल हैं जहां पार्टी लगातार हारती रही है, येलो जोन में वे बूथ हैं जहां मुकाबला करीबी रहता है, जबकि ग्रीन जोन पार्टी के मजबूत बूथ माने जा रहे हैं।
प्रभारियों को प्रत्येक बूथ पर 25 सदस्यीय टीम तैयार करने, शक्ति केंद्रों का गठन करने और क्षेत्रवार सामाजिक व जातीय समीकरणों का अध्ययन करने का कार्य सौंपा गया है। इसके साथ ही सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और स्थानीय प्रभावशाली समूहों से संवाद बढ़ाने की योजना भी बनाई गई है।
विकास और जनसंपर्क पर रहेगा जोर : BJP Mission 2028 Chhattisgarh
रणनीति के तहत सांसदों और विधायकों के कार्यों का आकलन किया जाएगा तथा जनता की मांगों के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जाएगा। प्रभारियों को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर लंबित परियोजनाओं और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर भी काम करना होगा।
भाजपा का मानना है कि संगठनात्मक मजबूती, बूथ प्रबंधन और स्थानीय मुद्दों के समाधान के जरिए वह 2028 के विधानसभा चुनाव में पिछली हार वाली अधिकांश सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल हो सकती है।



