सीजी भास्कर, 28 जून : किसान परिवार से निकलकर छत्तीसगढ़ के सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Chief Minister Vishnu Deo Sai ) ने अपने सरल व्यक्तित्व, विनम्र व्यवहार और जनसेवा की भावना से प्रदेश की राजनीति में अलग पहचान बनाई है। उनका सार्वजनिक जीवन सादगी, पारदर्शिता और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाता है। लंबे समय तक जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, वनवासियों, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की समस्याओं को निकट से समझा तथा उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनकी सहजता और सादगी आज उनकी सबसे बड़ी पहचान बनी हुई है।
- महिलाओं के सशक्तिकरण को मिली नई दिशा
- किसानों को प्राथमिकता, 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी
- गरीबों को पक्का घर देने पर विशेष फोकस
- तेंदूपत्ता संग्राहकों को बड़ी राहत
- नक्सल पुनर्वास और विकास पर समान जोर
- नई औद्योगिक नीति से निवेश को बढ़ावा
- रेल, सड़क और हवाई संपर्क को मिली नई गति
- भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
- सुशासन तिहार से बढ़ी जवाबदेही
- विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ता प्रदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लोकतंत्र में जनता से सीधे संवाद को सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं। जनदर्शन, सुशासन तिहार और विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से वे स्वयं लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश देते हैं। बुजुर्गों के प्रति सम्मान, बच्चों के प्रति स्नेह और जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्परता उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान मानी जाती है।
आदिवासी समाज से आने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से गहराई से जुड़े हुए हैं। गांवों में लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनना और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
महिलाओं के सशक्तिकरण को मिली नई दिशा
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि यह योजना महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
किसानों को प्राथमिकता, 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित की। इससे लाखों किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिला और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
गरीबों को पक्का घर देने पर विशेष फोकस
प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों आवास स्वीकृत किए गए हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तेजी से निर्माण कार्य होने से बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को बड़ी राहत
राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दिया है। इससे आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले हजारों संग्राहकों की आय में सीधा लाभ पहुंचा है।
नक्सल पुनर्वास और विकास पर समान जोर
सरकार ने नक्सली सरेंडर, विक्टिम रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन पॉलिसी-2025 के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार और आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है, ताकि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें।
नई औद्योगिक नीति से निवेश को बढ़ावा
एक नवंबर 2024 से लागू नई औद्योगिक नीति 2024-30 के माध्यम से उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ऑनलाइन आवेदन और समयबद्ध स्वीकृति जैसी सुविधाओं से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है।
रेल, सड़क और हवाई संपर्क को मिली नई गति
सरकार ने राज्य में सड़क, रेल और हवाई संपर्क के विस्तार पर विशेष जोर दिया है। नई रेल परियोजनाएं, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों का उन्नयन, पुल निर्माण तथा नए एयर रूट शुरू होने से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर रुख अपनाते हुए प्रशासनिक जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। ई-ऑफिस, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ई-गवर्नेंस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है।
सुशासन तिहार से बढ़ी जवाबदेही
मुख्यमंत्री, मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन द्वारा नियमित औचक निरीक्षणों के माध्यम से सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विकास कार्यों की निगरानी की जा रही है। लापरवाही और अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक अनुशासित और जनोन्मुखी बनी है।
विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ता प्रदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, रोजगार, अधोसंरचना और डिजिटल शासन को केंद्र में रखकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील सोच और जनसेवा के प्रति समर्पण ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को प्रदेश की राजनीति में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। सरकार का संकल्प है कि “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जाए।



