सीजी भास्कर 21 अप्रैलरायपुर में विवाद की एंट्रीसोशल मीडिया से शुरू हुआ Lenskart विवाद अब राजधानी रायपुर तक पहुंच गया है। ड्रेस कोड को लेकर उठे विरोध के बीच धर्म जागरण समिति की सह संयोजिका भारती वैष्णव अपने कार्यकर्ताओं के साथ लेंसकार्ट शोरूम पहुंचीं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “जय श्री राम” के नारे लगाए और कर्मचारियों से नाम पूछकर उन्हें टीका भी लगाया।
ड्रेस कोड को लेकर जताया विरोध
भारती वैष्णव ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कंपनी के ड्रेस कोड को लेकर भेदभावपूर्ण बातें सामने आई हैं। उनके अनुसार, वीडियो में दावा किया गया कि कर्मचारियों को तिलक, कलेवा या जनेऊ पहनने की अनुमति नहीं है, जबकि मुस्लिम महिलाओं को हिजाब पहनने की छूट दी जाती है।
इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि किसी भी तरह का “हिंदू विरोधी कृत्य” बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो आगे भी विरोध जारी रहेगा।
कर्मचारियों को दी गई चेतावनी
शोरूम में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने कर्मचारियों से बातचीत करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि धार्मिक पहचान से जुड़े प्रतीकों पर रोक लगाने की कोशिश की गई तो इसका विरोध होगा। इस दौरान माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण भी बना रहा।
कंपनी की सफाई: सभी प्रतीकों का सम्मान
विवाद बढ़ने के बाद Lenskart ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपना पक्ष रखा। कंपनी ने कहा कि उसने ग्राहकों और समुदाय की चिंताओं को गंभीरता से सुना है और अपने “इन-स्टोर स्टाइल गाइड” को अब स्पष्ट और पारदर्शी बना दिया है।
कंपनी के अनुसार, नई गाइडलाइंस में सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का स्वागत किया गया है। इनमें बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे प्रतीक शामिल हैं।
भावनाएं आहत होने पर जताया खेद
कंपनी ने यह भी कहा कि अगर किसी कर्मचारी या व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उसे खेद है। साथ ही आश्वासन दिया गया कि भविष्य की सभी नीतियां समानता, सम्मान और समावेश के सिद्धांतों पर आधारित होंगी।


