सीजी भास्कर 23 अप्रैल
रायपुर: एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) के सुप्रीमो अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
दरअसल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल को इस मामले में अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए 3 हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिस पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने राहत दे दी।
2007 में निचली अदालत से मिली थी राहत
राम अवतार जग्गी की 2003 में हुई हत्या के मामले में 2007 में निचली अदालत ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया गया था।इस फैसले को मृतक के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर फिर हुई सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को दोबारा विचार के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेजा था। इसके बाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए अमित जोगी को दोषी करार दिया और सरेंडर का आदेश जारी किया।


