सीजी भास्कर, 26 जुलाई 2026 : मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में करीब 500 करोड़ रुपये के डबल मनी स्कैम का बड़ा खुलासा हुआ है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में सामने आया है कि गिरोह ने आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी रकम दोगुनी करने का लालच देकर निवेश कराया। मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। (Double Money Scam)
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आठ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सोमेंद्र कंकरायने सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ 63 से अधिक मामले दर्ज हैं। एसआईटी की जांच में 18.61 करोड़ रुपये मूल्य की 122 जमीनों की रजिस्ट्रियां, 617 चेक, 20 रजिस्टर, बैंक दस्तावेज, पावर ऑफ अटॉर्नी, भूमि ऋण पुस्तिकाएं और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
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तीन राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क Double Money Scam
जांच में खुलासा (Double Money Scam) हुआ कि वर्ष 2016-17 से गिरोह छह से नौ महीने में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेश जुटा रहा था। इसका नेटवर्क मध्य प्रदेश के बालाघाट, छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर और राजनांदगांव, तथा महाराष्ट्र के गोंदिया और चंद्रपुर तक फैला हुआ था। प्रारंभिक जांच के अनुसार केवल मोहला-मानपुर क्षेत्र के निवेशकों के ही करीब 10 करोड़ रुपये इस स्कीम में फंसे हैं।
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नेताओं और सरकारी कर्मचारियों ने भी किया निवेश
एसआईटी जांच में सामने आया है कि गिरोह ने आम नागरिकों के अलावा जनप्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का भी भरोसा जीत लिया था। पुलिस जब्त रजिस्टरों के आधार पर सभी निवेशकों की पहचान कर रही है, ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी राशि वापस दिलाई जा सके।
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हार्वर्ड का फर्जी दावा कर जीतता था भरोसा
जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी सोमेंद्र कंकरायने ने शुरुआत में अनाज और रियल एस्टेट का कारोबार किया। बाद में उसने खुद को हार्वर्ड से एमबीए बताया और विदेशों में निवेश व लग्जरी जीवनशैली का दावा कर लोगों का विश्वास हासिल किया। हालांकि जांच में सामने आया कि वह केवल 12वीं तक पढ़ा है, कॉलेज भी छोड़ चुका था और उसके पास पासपोर्ट तक नहीं था।
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धार्मिक स्थलों पर छिपता रहा आरोपी, टेलीग्राम चैट से मिला सुराग
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार धार्मिक स्थलों पर छिपता रहा। पुलिस ने उसकी कई संपत्तियां सीज कर दीं और जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी। बाद में एक जमीन की रजिस्ट्री की अनुमति देकर पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान टेलीग्राम ऐप पर हुई बातचीत से मिले अहम सुराग के आधार पर एसआईटी पूरे गिरोह तक पहुंचने में सफल रही।
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निवेशकों की राशि लौटाने की तैयारी
एसआईटी पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जब्त दस्तावेजों के आधार पर सभी निवेशकों का सत्यापन किया जाएगा और न्यायालय की प्रक्रिया के अनुरूप उनकी राशि वापस दिलाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।



